जागरण संवाददाता, करनाल : सिटीजंस ग्रीवेंसीज कमेटी की शिक्षा सुधार उप समिति की बैठक कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल के साथ उनके कार्यालय में हुई। इसमें निजी स्कूलों में बच्चों की फीस, किताबें व बस्ते का बोझ आदि विषयों पर चर्चा की गई।

उप समिति के प्रधान एसके गोयल ने बताया कि पिछले दिनों किताबें प्राइवेट दुकानों पर बिकती रही, जिससे कानून का सरेआम उल्लंघन हुआ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश थे कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बस्ते का बोझ कम किया जाएगा। इसके लिए गाइड लाइन तैयार कर दी गई है। हरियाणा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रदेश के स्कूलों में नोटिस भिजवा दिए थे, मगर सीबीएसई स्कूलों में आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

इस पर जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल ने कहा कि टीम गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट आने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सीजीसी सचिव दर्शन खांडपुर ने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशनर रिवाइज करने का मामला अटका हुआ है। इस पर अधिकारी राजपाल ने कहा कि तकनीकी समस्या आ रही है। चुनाव के बाद इसका समाधान किया जाएगा। शिक्षा अधिकारी ने 134 ए नियम के तहत पांच हजार से ज्यादा निशुल्क फार्म वितरित करते तथा लोगों की सहायता करने के सीजीसी अभियान की सराहना की।

इस अवसर पर चेयरमैन सत्येंद्र मोहन कुमार, सचिव दर्शन खांडपुर, प्रधान एसके गोयल, वाइस चेयरमैन डीएन अरोड़ा, संजय बतरा, राजिद्र आर्य व रजनीश चोपड़ा मौजूद रहे।

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