जागरण संवाददाता, करनाल : 9 अगस्त को आशा वर्कर यूनियन, आंगनवाड़ी, मिड-डे-मील वर्कर यूनियन, मजदूर, किसान व कर्मचारी का जेल भरो आंदोलन ऐतिहासिक रूप से सफल होगा। सात और आठ अगस्त को आशा, मिड डे मील व आंगनबाड़ीकर्मी देशव्यापी हड़ताल में लाखों परियोजना कर्मी हिस्सा लेंगी। उक्त बात आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान प्रधान सुदेश रानी व सीटू जिला सचिव जगपाल राणा ने कही। वह गगसीना मे आशा वर्करों को संबोधित कर रहे थे। सभा की अध्यक्षता सुनीता रानी ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज देश की करीब 85 फीसदी मेहनतकश आवाम भारी संकट में हैं। कोरोना से बचाने के नाम पर बिना किसी तैयारी के किए गए लोक डाऊन ने करोड़ों लोगों के रोजगार तबाह कर दिए हैं। काम धंधे ठप होने, बेरोजगारी व दिहाड़ी-मजदूरी न मिलने के चलते हमारी आबादी के बड़े हिस्से के लिए खाद्य सुरक्षा (खाने-पीने व राशन) का संकट खड़ा हो गया है। लोक डाउन जनता को कोरोना से बचाने के लिए लगाया गया था लेकिन आज देश में 16 लाख से ज्यादा मरीज हो गए हैं और 35 हजार से ज्यादा मौत हो चुकी है। भाजपा सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान सुदेश रानी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिन्हें कोरोना योद्धाओं का नाम दिया जा रहा है चाहे वह स्वास्थ्य के ढांचे में आशा वर्कर्स हो। नौ अगस्त भारत छोड़ो दिवस पर भारत बचाओ नारे के तहत देशव्यापी जेल भरो आन्दोलन का फैसला लिया गया है।

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