जागरण संवाददाता, करनाल : अशोका नर्सरी में पिछले कई दिनों से बेसहारा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। निगम के कर्मचारी इस कालोनी से कुछ पशुओं को पकड़कर ले गए थे, लेकिन शेष पशुओं को पकड़ने के लिए दोबारा नहीं आए। यह पशु राहगीरों पर हमला भी कर देते हैं। इसके चलते लोगों ने बच्चों को भी घर के बाहर भेजना बंद कर दिया है।

अशोका नर्सरी में गोवंश के होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले कालोनी में करीब सात पशु आए थे। पहले भी नगर निगम की टीम को इन पशुओं के बारे में सूचना दी गई। सूचना मिलने के तीन दिन बाद टीम पहुंची और चार पशुओं को ही पकड़ने में सफल हो पाई थी। जबकि तीन पशुओं को फिर पकड़ने की बात कहकर चली गई थी। करीब 10 दिन बीत जाने के बाद भी टीम इन पशुओं को पकड़ने के लिए नहीं पहुंची। इसी बीच में कालोनी में पांच और पशु आ गए हैं। इसके चलते कालोनी में इन पशुओं की संख्या आठ हो गई है।

कालोनी निवासी एडवोकेट अनुज चौहान, रामप्रसाद व विजय गुप्ता का कहना है कि इस कालोनी में पशु होने से बच्चों को भी घर के बाहर भेजना बंद कर दिया है। पशु राहगीरों पर हमला कर देते हैं। इसके चलते दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। नगर निगम को इन पशुओं के बारे में सूचित किया जा चुका है। लेकिन ना तो पहले पूरे पशु गोशाला तक पहुंचाए गए और ना ही उसके बाद से टीम पशु पकड़ने के लिए आई है।

उप नगर निगम आयुक्त धीरज कुमार का कहना है कि निगम की टीम सभी बेसहारा पशुओं को गोशाला तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पशुओं को पकड़ने के लिए टीम को कालोनी में भेजा जाएगा।

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