जागरण संवाददाता, करनाल : प्रदेश के एसीएस देवेंद्र सिंह ने सोमवार को महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का दौरा करते हुए शहर के सेक्टर-12 स्थित आइसीसीसी का भ्रमण किया। उनके साथ उपायुक्त एवं स्मार्ट सिटी के सीईओ निशांत कुमार यादव भी थे। एसीएस ने आइसीसी सेंटर में लगी वीडियो वाल पर प्रोजेक्ट में शामिल विभिन्न घटकों के संचालन को देखा। चौक-चौराहों पर लगे कैमरे और ट्रैफिक लाइट कैसे काम कर रही हैं, इसे लाइव देखने में उन्होंने रूचि दिखाई। स्मार्ट सिटी के सीईओ निशांत कुमार यादव प्रत्येक घटक की जानकारी एसीएस को देते रहे। उन्होंने बताया कि यह स्मार्ट सिटी के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में है, जो शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और उसके नियंत्रण से जुड़ा है। सीसीटीवी की इंस्टालेशन 29 चौक-चौराहों पर हो चुकी है, जबकि 128 जंक्शन पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लग चुका है। इसी प्रकार 35 में 32 जगह एमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए जा चुके हैं। दो एंवायरमेंटल सेंटर लगाए गए हैं।

इसके अतिरिक्त आटोमेटिक ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम 28 जगह पर पूरा कर दिया गया है। एटीसीएस के दो चौराहे सेक्टर-12 टी-प्वाइंट और शहीद मदन लाल ढींगड़ा चौक लाइव कर दिए गए हैं। 29 चौक-चौराहों में समस्त शहर कवर होगा। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को फोटो युक्त चालान की होम डिलीवरी होगी। एसीएस ने शहर के सेक्टर-चार स्थित 50 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया। करीब 73 करोड़ रुपये की लागत से बने एसटीपी का बीती जून में उद्घाटन हो गया था।

नगर निगम के नए आयुक्त मनोज कुमार ने एसीएस को बताया कि प्लांट के निर्माण में निर्माता कम्पनी की ओर से एक वर्ष का डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड और पांच साल का आपरेशन व मेन्टेनेन्स शामिल है। उन्होंने एसीएस को बताया कि 50 एमएलडी क्षमता का प्लांट सामान्य दिनों में 40 से 45 एमएलडी गंदे पानी को उपचारित करता है। बारिश के दिनो में इसकी क्षमता 50 से 55 एमएलडी की हो जाती है।

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