संवाद सहयोगी, तरावड़ी : गांव रमाणा-रमाणी के सरपंच पर ग्रामीणों ने करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वह कई बार पंचायती विभाग को सरपंच के कार्यों और गड़बड़ी की जांच की मांग उठा चुके हैं, लेकिन आज तक भी इस मामले में विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नही की गई है। शुक्रवार को उस समय ग्रामीणों ने रोष जताया, जब पंचायती विभाग की ओर से सरपंच द्वारा गड़बड़ी से करवाए गए विकास कार्यों की जांच हो रही थी।

शिकायतकत्र्ता निधू शर्मा ने बताया कि गांव रमाणा-रमाणी के सरपंच नरेश कुमार ने गांव में जो भी विकास कार्य किए हैं, उनमें हेरा-फेरी की गई है। गांव में गुरु रविदास मंदिर के पास निकासी के लिए नाला नहीं बन पाया, लेकिन कागजों में उसे बना दिखाया गया है। पंचायत घर के लैंटर के ऊपर लैंटर डाल दिया गया। गांव में चहेतों के घर के नलके लगवाए गए हैं। आज तक भी मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों के पैसे नहीं दिए गए हैं। ग्रामीण शिव कुमार, विजय कुमार, बलबीर सिंह, बाबा मंजूर सिंह, जय भगवान, प्रवीण चौपड़ा, रामकुमार, राहूल खट्टर, प्रदीप कुमार, प्रवीण, अमरीक, कश्मीरी सिंह, बलविन्द्र, ईशम सिंह, रामकुमार, रत्न, दविद्र, सुखविद्र, कर्मसिंह, चांद, बलबीर सिंह ने बताया कि गांव में प्रदेश सरकार की ओर से जो ट्रैक्टर-ट्रॉली व दो रूटावेटर दिए गए थे, उसका निजी प्रयोग हो रहा है। सरकारी जमीन की आमदनी का हिसाब-किताब नहीं है। सरपंच बोले : झूठ बोल रहे ग्रामीण

इस बारे में जब गांव रमाणा-रमाणी के सरपंच नरेश कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। ग्रामीण झूठ बोल रहे हैं। गांव में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। अभी वह बीमार हैं। जैसे ही उनकी तबियत ठीक होगी, वह विभाग के अधिकारियों को गांव में करवाए गए विकास कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेंगे। उनके पास गांव में करवाए जा रहे कार्यों का पूरा डाटा मौजूद है।

आरोपों की जांच की जा रही है : एसडीओ

पंचायती राज विभाग के एसडीओ परविन्द्र सिंह ने बताया कि गांव में ग्रामीणों व सरंपच को बुलाकर जानकारी जुटाई गई है। सरपंच से रिकार्ड और कागजात मांगे गए हैं। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जल्दी ही मामले में पूरी जानकारी दी जाएगी।

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