जागरण संवाददाता, करनाल : शहर में सोर्स सैग्रीगेशन को शत-प्रतिशत कामयाब करने के लिए अब घर-घर से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्र करना आसान होगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम को 40 टिप्परों की खेप में से नए टिप्पर आने शुरू हो गए हैं। फिलहाल सात नए टिप्पर पहुंच गए हैं। 10 इसी सप्ताह और 10 अगले सप्ताह आने की उम्मीद है। इन उपायों से गीला और सूखा कूड़ा अब सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक पहुंचाने और उसे प्रोसेसिग में लेना बेहद कारगर रहेगा।

नए टिप्परों की खासियत

नए टिप्पर पहले से अलग हैं। खास बात यह है कि इनमें गीले और सूखे के लिए अलग-अलग पार्टिशन का प्रोविजन किया गया है। इसके लिए बनाए गए बॉक्स दोनों और से खोले जा सकेंगे। यही नहीं पीछे की साइड में माइक्रो सैग्रीगेशन का भी प्रोविजन किया गया है, जिसमें हैज‌र्ड्स यानि हानिकारक वेस्ट और बेकार नेपकिन जैसे पदार्थो का डाला जा सकेगा। घर-घर से कूड़ा एकत्र करने वाले सफाईकर्ताओं का काम भी आसान होगा। वाहन पर जीपीएस सिस्टम के अलावा गलियों में हाउस होल्ड को इतला करने के लिए उद्घोषणा सुनाने बाबत छोटे होर्न लगाए गए हैं। जैसे ही टिप्पर गली में पहुंचेगा, गृहणियों को घर से कूड़ा लेकर आने की सूचना मिल जाएगी। जीपीएस सिस्टम से वाहनो की लोकेशन मालूम हो सकेगी। क्या कहते हैं निगम आयुक्त

शहर की सफाई के लिए पहले से ही मौजूद संसाधनों में 40 नए टिप्पर शामिल हो जाने से दोहरा फायदा होगा। प्रतिदन घर-घर से निकलने वाला कचरा ड्राई और वेट में मिलेगा। इसकी प्रोसेसिग को लेकर प्लांट में जो समस्या पेश आ रही थी, वह अब स्वत: ही समाप्त हो जाएगी। कूड़ा निस्तारण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के कंपोनेंट में जो नियम बनाए गए हैं, उनका पालन होगा। स्वच्छ सर्वेक्षण में ओर ज्यादा नम्बर मिलेंगे, दूसरा फायदा यह है कि इससे सफाई तंत्र ओर मजबूत होगा।

अब है करनाल की बारी

आयुक्त ने बताया कि देश के टॉप 5 या 10 स्वच्छ शहरों की सूची में शामिल होने के लिए अब करनाल की बारी है। नगर निगम की ओर से किसी भी तरह की कोर-कसर नहीं रखी जा रही, लेकिन नागरिकों की सहभागिता के बिना किसी भी मिशन को शत प्रतिशत सफल नहीं बनाया जा सकता। अब समय आ गया है कि हमारा शहर भी इंदौर की राह पर चले, ऐसा करने से करनाल देश के स्वच्छ शहरों में सिरमौर बन सकता है, इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

Edited By: Jagran