संवाद सहयोगी, घरौंडा : एक युवक को विदेश जाने के सपने देखना भारी पड़ गया। एक एकड़ जमीन बेचकर एजेंट को 18 लाख रुपये दिए, लेकिन उसे अमेरिका जाते ही जेल काटनी पड़ी। गांव कैमला वासी पंकज ने आइजी भारती अरोड़ा को शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि उसके भाई सन्नी को कैथल जिला वासी पवन, सीमा व प्रवीन ने वैध रूप से अमेरिका भेजने का भरोसा दिया था, जिसके लिए 18 लाख रुपये की मांग की थी। जिसमें से 9 लाख रुपये पहले व बाकी राशि बाद में देना तय किया गया। उन्होंने इसके लिए एक एकड़ जमीन बेचकर 9 लाख रुपये दे दिए तो आरोपित उसे इथोपिया, ब्राजील, पनामा आदि देशों में जंगल व सड़कों के रास्ते से उसे आगे ले गए। 11 मई 2019 को उसे अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करा दिया गया, जहां जाते ही उसे पुलिस ने पकड़ लिया और जेल में डाल दिया गया। यह पता चलने के बाद वे आरोपितों के पास गए तो उन्होंने बाकी राशि की भी मांग की। यह राशि देने के बावजूद भी उन्होंने कोई सहायता नहीं की। अमेरिका से वह 22 जुलाई को डिपोर्ट कर दिया गया और यहां आने के बाद उसे कोरोना संक्रमण के चलते कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में बनाए सेंटर में क्वारंटाइन कर दिया गया। अब वह घर लौटा तो उसने पूरी दास्तां बयान की। उसके बाद वे आरोपितों से दी गई राशि वापस देने की मांग करने लगे तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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जर्मनी भेजने की आड़ में पांच लाख रुपये ठगने का आरोप

करनाल : एक युवक को जर्मनी भेजने की आड़ में पांच लाख रुपये ठग लिए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस को दी शिकायत में जुंडला गेट वासी मनोज कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि वह विदेश जाना चाहता था, जिसके चलते उसकी मुलाकात जोगिद्र से हुई। उसने उसे वर्क परमिट पर जर्मनी भेजने का भरोसा दिया, जिसके लिए पांच लाख रुपये की मांग की। आरोपित ने उसे उसे वर्ष 2016 में कुछ राशि लेकर फ्लाइट से जर्जिया पहुंचा दिया, जहां जाने के बाद भी एक एजेंट ने अलग-अलग खर्च के नाम पर एक लाख रुपये ले लिए। जब आरोपित जोगिद्र से संपर्क किया तो उसने बाकी राशि भी ले ली, लेकिन इसके बाद आरोपित से संपर्क नहीं हो पाया। उसे कई माह जर्जिया में बिताने पड़े, जिस दौरान उसे कई प्रकार की यातनाएं भी झेलनी पड़ी। उसे भूखा रखा जाता तो उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। किसी तरह वह दिसंबर 2016 में ही वापस लौटा और इसके बाद आरोपित से दी राशि लौटाने की मांग की तो न केवल इन्कार कर दिया बल्कि उन्हें धमकी दी जाने लगी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Edited By: Jagran