सुरेंद्र सैनी, कैथल : हरियाणा विद्यालय शिक्षा भिवानी बोर्ड की तरफ से जारी परीक्षा परिणाम में सांघन गांव स्थित शिव शिक्षा निकेतन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा ईशा देवी ने 497 अंक हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जैसे ही परीक्षा परिणाम के बारे में छात्रा ईशा को जानकारी मिली तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।

छात्रा ईशा ने कहा कि प्रदेशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर वे बेहद खुशी है, जिस तरह से उसने मेहनत की थी उसका परिणाम सामने आया है। खनौरी ट्रक यूनियन में मजदूरी का काम करने वाले पिता धमेंद्र सिंह, मां राजरानी सहित पूरा परिवार बेटी की इस उपलब्धि पर बेहद खुश है। माता-पिता ने कहा कि बेटी ने हरियाणा में टॉप कर उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।

छात्रा ईशा ने बताया कि पांचवीं कक्षा तक वे गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ी है। छठी कक्षा से इस प्राइवेट स्कूल में दाखिला लिया था। लगातार दस घंटे तक पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। रात को एक या दो बजे तक पढ़ती थी। किताबों से दोस्ती करते हुए लगन से पढ़ाई की। इस दौरान मां का भरपूर सहयोग मिला, उसकी पढ़ाई को देखते हुए मां ने कभी झूठा गिलास तक उसे नहीं उठाने दिया।

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सोशल मीडिया व टीवी से बनाए रखी दूरी

छात्रा ने बताया कि घर में कोई स्मार्ट फोन नहीं है। पापा के पास सामान्य फोन है। कभी कोई ट्यूशन नहीं रखी। सोशल मीडिया व टीवी से वे दूर रही है। स्कूल प्रिसिपल शीला नैन व स्टाफ सदस्यों ने हर समय प्रेरित किया। छात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने का उसका लक्ष्य है, इस मुकाम को वे हासिल करके रहेगी। माता-पिता व भाई मनीष को जो उम्मीद उससे थी उसने अपनी मेहनत से वह हासिल कर दिखाया। छात्रा ने इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता व स्कूल शिक्षकों को दिया। उसने कहा कि मेहनत के लिए कोई सीमा नहीं होती और न ही कोई एक दिन में टॉपर बन जाता है। इतना पढ़ना चाहिए कि 24 घंटे भी आपको कम लगे। किताबों से हमेशा दोस्ती करते हुए पढ़ाई करो। अगर कोई मन में सिलेबस को लेकर दिक्कत है तो तुरंत अध्यापकों को बताते हुए इसका हल निकालें।

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कभी नहीं लगाया ट्यूशन, घर

पर पढ़ाई कर पाई सफलता

छात्रा ईशा ने कहा कि शुरूआत से लेकर आज तक अपनी मेहनत व लगन से ही परीक्षा पास की है, कभी ट्यूशन का सहारा नहीं लिया है। स्कूल के बाद घर पहुंचते ही पढ़ाई शुरू होती थी और रात को कभी एक तो कभी दो भी बज जाते थे। इस दौरान मां राजरानी का पूरा सहयोग मिला। मां ने उसकी पढ़ाई को देखते हुए कभी घर का कोई काम नहीं करवाया। माता-पिता ने उसकी सफलता को लेकर जो सपना देखा है उसे पूरा करना ही उसका लक्ष्य है। छात्रा ने कहा कि स्कूल प्रिसिपल शीला नैन सहित पूरे स्टाफ ने हमेशा ही पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।

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घरेलू हिसा से नफरत

छात्रा ईशा ने कहा कि समाज में घरेलू हिसा के वे सख्त खिलाफ है। इसे रोकने के लिए सरकार व प्रशासन को तो कदम उठाने ही चाहिए, साथ में महिलाओं को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। महिलाएं शिक्षित होकर इसका विरोध करें, इतना पढ़े कि ऐसी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके।

Posted By: Jagran