जागरण संवाददाता, कैथल : कृषि विज्ञान केंद्र में किसान वैज्ञानिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला के प्रगतिशील सहित सौ किसानों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. देवेंद्र चहल ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज बाजार में ऐसे कृषि यंत्र मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल कर किसान आसानी से फसल अवशेष जलाने से बच सकता है। इन यंत्रों पर कृषि विभाग 50 से 80 प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध करवा रहा है।

उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से प्रदूषण फैलने के साथ ही खेत की मिट्टी को भी नुकसान पहुंचता है। डॉ. जसबीर ¨सह ने कहा कि विभाग पिछले कई वर्षों से किसानों को जागरूक कर रहा है। लोग अब फसल अवशेष जलाना छोड़ जैविक खेती की तरफ बढ़ रहे हैं। बैठक में प्रगतिशील किसान महेंद्र रसीना सहित कई अन्य ने भी अपने अनुभवों को सांझा किया।

Posted By: Jagran