जागरण संवाददाता, कैथल : नगर परिषद (नप) को करीब दो साल बाद नियमित एक्सईएन मिल गया है। नप में एक्सईएन का मुख्य पद होता है जो कि लगातार दो साल से खाली ही पड़ा था। पद खाली होने के कारण शहर के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। एक्सईएन अक्षय कुमार ने शुक्रवार को पदभार संभाल लिया था। दो दिन की छुट्टी होने के बाद सोमवार को नियमित रूप से कार्यालय में पहुंचे। इससे पहले वे घरौंडा में पालिका अभियंता के पद पर थे जो अब प्रमोशन होकर एक्सईएन बन गए हैं।

अब नगर परिषद में तकनीकी स्टाफ पूरा हो गया है। दो पालिका अभियंता व चार जेई पहले ही मौजूद हैं। शहर में होने वाले विकास कार्यों में तेजी आएगी। पहले पालिका अभियंता के पास दस लाख रुपये तक के कार्य कराने की अनुमति थी। दस लाख से ऊपर के काम करवाने को फाइल निदेशक शहरी स्थानीय हरियाणा पंचकूला को भेजनी पड़ती थी। फाइल के पास होकर आने में काफी समय भी लग जाता था। अब 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों की तकनीकी स्वीकृति नप से ही मिल सकेगी।

दस नियमित कर्मचारी भी मिले

नगर परिषद में नियमित कर्मचारियों की कमी है। कमी को पूरा करने के लिए 23 कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग पर भर्ती किया गया है। अब ग्रुप डी में भर्ती हुए दस कर्मचारी नगर परिषद को मिल गए हैं। सभी नए कर्मचारियों ने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। अब आउटसोर्सिंग पर लगे 23 कर्मचारियों में से दस कर्मचारियों को हटाया जाएगा। नगर परिषद को आठ माली व दो चपरासी नियमित मिल गए हैं। लंबे समय के बाद नगर परिषद को नियमित कर्मचारी मिले हैं।

एक्सईएन की देखरेख में

होंगे सभी बड़े काम

नगर परिषद की ओर से जो भी बड़े काम शुरू किए जाएंगे वे सभी कार्य अब एक्सईएन की देखरेख में होंगे। शहर में चल रहा सिटी स्क्वेयर का निर्माण कार्य विवादों में आया हुआ है। मामला जिला प्रशासन व सरकार के बड़े अधिकारियों के संज्ञान में भी है। ऐसा कहा जा रहा है कि दोबारा कोई ऐसा विवाद न हो इसके लिए कैथल में एक्सईएन को भेजा गया है। अब तकनीकी अधिकारी के आने से इस तरह के मामलों पर लगाम लगेगी।

नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि नए एक्सईएन ने ज्वाइन कर लिया है। शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी। सभी तकनीकी कार्य एक्सईएन की देखरेख में ही होंगे।

Posted By: Jagran

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