जागरण संवाददाता, कैथल :

जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे काला पीलिया (हेपेटाइटस-सी) के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। बीमारी की जांच को लेकर जो निशुल्क टेस्ट बाहर लैब में होता था उसका टेंडर 8 अक्टूबर को खत्म हो चुका है। अब मरीज बिना जांच व इलाज के वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं। जिलेभर में 5300 मरीजों का इलाज चल रहा है। करीब 10 हजार मरीज पूरे जिले में काला पीलिया की बीमारी के हैं।

मरीजों की दवाई शुरू करने से पहले बाहर प्राइवेट लैब में वायरस की जांच को लेकर कूपन देते हुए टेस्ट करवाया जाता है, लेकिन अब कूपन का टेंडर खत्म होने से मरीजों अब भटक रहे हैं, रोजाना अस्पताल में जांच व दवाई लेने क लिए पहुंचते हैं, लेकिन कूपन न मिलने के कारण वापस लौटना पड़ा है। मरीज अस्पताल से कूपन लेकर जांच एक प्राइवेट लैब में करवाते थे। अस्पताल में दवाई लेने के लिए आए रामलाल व सतनाराण ने बताया कि दो दिनों से चक्कर ला रहे हैं, लेकिन कूपन बंद होने की बात कह वापस लौटा देते हैं, अब बीमारी की जांच के लिए कहा जाएं। जब तक जांच नहीं होगी तब तक दवाई भी शुरू नहीं होगी।

सबसे ज्यादा राजौंद व गुहला में काला पीलिया के मरीज

काला पीलिया के मरीज सबसे ज्यादा राजौंद व गुहला क्षेत्र में है। राजौंद में तो स्थिति ये हैं कई गांव में तो ऐसे घर हैं जहां एक नहीं बल्कि पूरा परिवार इस बीमारी से पीड़ित है। वहीं गुहला सहित कलायत व पूंडरी के भी कई गांव इस बीमारी से प्रभावित हैं। हालांकि विभाग की तरफ से काला पीलिया का निशुल्क जांच व इलाज अब जिला नागरिक अस्पताल में हो रही है। पहले मरीजों को चंडीगढ़ रोहतक में जाना पड़ता था। इसका इलाज भी काफी महंगा था, जिसे शुरू करने के लिए मरीजों को काफी परेशानी आती थी, सरकार ने अस्पतालों में निशुल्क जांच व इलाज शुरू कर मरीजों को राहत देने का काम किया है।

कूपन का टेंडर पूरा हो चुका

जिला नागरिक अस्पताल के सीनियर चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कंसल ने बताया कि काला पीलिया की बीमारी के वायरल की जांच को लेकर दिए जाने वाले कूपन का टेंडर पूरा हो चुका है। इस बारे में सीनियर अधिकारियों को रिपोर्ट दी जा चुकी है। आदेश आने पर आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

Posted By: Jagran

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