जागरण संवाददाता, कैथल : दीपावली के बाद से लगातार वायु में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 426 तक पहुंच गया था जो बृहस्पतिवार को दोपहर तीन बजे तक 468 हो गया था। वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण लोगों को घर से निकलते ही आंखों में जलन होने लगती है। सुबह से लेकर शाम तक आसमान में स्मॉग फैला रहता है। लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होने लगी है। अस्पताल में आंख व गले के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टर लोगों को घर से निकलते हुए मुंह पर मास्क लगाने की सलाह दे रहे हैं। पूरे हरियाणा में कैथल का प्रदूषण का स्तर तीसरे या चौथे नंबर पर पहुंच चुका है। बारिश व तेज हवा न चलने के कारण प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। लगातार बढ़ रहा प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। जो लोग पहले ही अस्थमा व सांस की बीमारी से परेशान हैं, ऐसे लोगों के लिए परेशानी ओर बढ़ सकती है।

यह रहा 31 अक्टूबर को दोपहर

तीन बजे तक प्रदूषण का स्तर

31 अक्टूबर को वायु में प्रदूषण का स्तर पहले से बढ़ा हुआ पाया गया। पीएम 2.5 न्यूनतम 221, एवरेज 350 व अधिकतम 398 तक रहा। पीएम 10 न्यूनतम 269, एवरेज 468 व अधिकतम 500 तक रहा। कार्बन मोनोऑक्साइड, ओजोन, सल्फर डाईऑक्साइड, एल्युमिनियम का स्तर भी बढ़ा हुआ पाया गया।

धान के अवशेष जलाने पर होगी एफआइआर

जिला प्रशासन की ओर से सरपंचों को धान के अवशेष न जलाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है। सरपंचों को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने गांव में मुनादी करवा दें कि अवशेष जलाने पर एफआइआर दर्ज होगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा। खेतों में फसलों के अवशेष जलाने से भी वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता है। हालांकि प्रशासन के सतर्क होने के कारण धान के अवशेषों में आग बहुत कम ही लगाई जा रही है।

Posted By: Jagran

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