जागरण संवाददाता, कैथल : करनाल आइटीआइ में हुए लाठीचार्ज के विरोध में एसएफआइ ने हरियाणा सरकार व करनाल पुलिस का पुतला फूंका। राजकीय कॉलेज के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन किया और लाठीचार्ज का विरोध किया। एसएफआइ के जिला सचिव गोलू बात्ता ने कहा कि आइटीआइ करनाल के छात्र निकित की बस हादसे में मौत हो गई थी, जिससे विद्यार्थियों में रोष फैल गया था। घटना का विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस ने सरकार की शह पर लाठीचार्ज किया। पुलिस ने अध्यापकों को भी नहीं छोड़ा। सरकार भी रोडवेज का निजीकरण करने में लगी हुई है, जिससे बसों की संख्या पहले से भी कम हो जाएगी। बसें कम होने के कारण छात्रों को बसों में लटक कर सफर करना पड़ रहा है। एसएफआइ ने मांग की है कि मृतक छात्र के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाए। घायल छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए। लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हर गांव और शिक्षण संस्थान में बसों की सुविधा दी जाए। अगर सरकार ने इन मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया तो वे बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस मौके पर रमेश कुमार, बंटी, शिवदास, पवन, रोबिन, अमित, संदीप मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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