जागरण संवाददाता, कैथल : प्रदेश सरकार में विभिन्न विभागों में तैनात कर्मचारियों ने एक बार पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा की है। आंदोलन पेंशन बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न चरणों में होगा।

संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने कहा कि कर्मचारी लगातार पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने की मांग कर रहे है, लेकिन सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। पूर्व में विधायकों व सांसदों को ज्ञापन देने के साथ ही करनाल और जंतर मंतर पर रैली और प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन सरकार ने फिर भी ध्यान नहीं दिया। सरकार के प्रति कर्मचारियों में नाराजगी है और यही कारण है कि एक बार कर्मचारियों ने सरकार को एकता और एकजुटता का एहसास दिलाने के लिए कमर कस ली है।

राज्य कार्यकारिणी ने फैसला किया है कि 13 जुलाई को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। 10 से 31 अगस्त तक करनाल में क्रमिक अनशन किया जाएगा और करनाल में ही एक सितंबर को राज्य स्तरीय रैली की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आंदोलन को पहले से भी बड़ा बनाने के लिए अन्य कर्मचारी संगठनों को भी साथ जोड़ा जाएगा। नई पेंशन नीति किसी भी रुप में कर्मचारियों के लिए फायदेमंद नहीं है, बल्कि कर्मचारियों का पैसा निजी कंपनियों के माध्यम से पूंजीपतियों को दिया जा रहा है। वहीं पुरानी पेंशन नीति कर्मचारियों के साथ साथ सरकार और देश के हित में थी।

Posted By: Jagran

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