जागरण संवाददाता, कैथल : नियम 134ए को लेकर बवाल मचा हुआ है। दाखिलों को लेकर अभिभावक, बच्चे, प्रशासनिक अधिकारी और निजी स्कूल संचालक भी परेशान हैं। विभाग की ओर से 134ए के तहत पहली सूची में चयनित हुए बच्चों को दाखिला लेने के लिए 17 मई तक अंतिम तारीख रखी गई थी। अंतिम दिन भी बच्चों को स्कूलों में दाखिले नहीं मिले।

नाराज अभिभावक डीसी कार्यालय पहुंचे और अपनी शिकायत रखी। उसके बाद डीसी ने निजी स्कूल संचालकों की मीटिग ली और उन्हें दाखिले देने के लिए कहा। डीसी के साथ हुई बैठक भी बेनतीजा रही। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भी डीसी के पास आए हुए थे। वे जैसे ही वे कार्यालय से बाहर निकले अभिभावकों ने उन्हें घेर लिया। उनसे दाखिला नहीं होने का कारण पूछा और स्कूलों पर कार्रवाई के लिए कहा। अभिभावकों ने यह भी कहा कि अगर सोमवार को भी दाखिले नहीं मिले तो वे सड़कों पर आकर जाम लगा देंगे। दाखिले नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दोपहर बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निजी स्कूल संचालकों की मीटिग ली, लेकिन उस मीटिग में भी कोई फैसला नहीं हो सका। वहीं, ओएसडीएम स्कूल ने इस नियम के तहत बच्चों को दाखिले देने शुरू कर दिए हैं।

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निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी

अधिकारियों के बार-बार कहने के बाद भी निजी स्कूल दाखिले नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों ने निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर ली है। अगर सोमवार तक बच्चों को दाखिले नहीं मिले तो निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। वहीं निजी स्कूल संचालक बकाया राशि लेने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। संचालकों का कहना है कि जब तक उन्हें तीन साल की बकाया राशि नहीं मिल जाती वे किसी कीमत पर दाखिले नहीं देंगे। जिले के निजी स्कूलों की करीब 50 करोड़ रुपये की राशि अटकी होने का अनुमान है।

बॉक्स: की जाएगी कार्रवाई

डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि 134ए के तहत अभिभावक व निजी स्कूल संचालक मिले थे। उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द से जल्द बच्चों को दाखिले मिल जाएंगे।

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Posted By: Jagran