सुनील जांगड़ा, कैथल : रोडवेज बस में पुलिस के फर्जी पहचान पत्र से यात्रा करने का मामला सामने आया है। रोडवेज फ्लाइंग की टीम ने गांव फरल में बस की चेकिग की थी। इस दौरान एक व्यक्ति बिना टिकट के ही यात्रा कर रहा था। टीम इंचार्ज समरपाल व दलबीर ने टिकट के बारे में पूछा तो व्यक्ति ने उसे अपना पुलिस पहचान पत्र दिखाया। पहचान पत्र पर स्टेट विजिलेंस ब्यूरो का स्टीकर भी लगा हुआ था।

टीम को शक हुआ तो उसका पहचान पत्र, आधार कार्ड व भूतपूर्व सैनिक का पहचान पत्र जांच के लिए अपने पास रख लिया था। घटना तीन सितंबर की है, जिसके बाद विभाग ने अपने स्तर पर कागजातों की जांच की। जांच के दौरान पहचान पत्र के बीच में एक पहचान पत्र की फोटो कॉपी पाई गई। उसमें पहचान पत्र जारी करने की तिथि 12 जुलाई 2011 लिखी हुई थी और वैद्यता 31 जुलाई 2014 तक थी।

अब रोडवेज विभाग की ओर से एसपी व कलायत थाना प्रभारी को उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। पत्र के साथ उस व्यक्ति के सभी कागजात भी भेजे गए हैं। अब पुलिस ही पहचान पत्र की जांच करेगी कि वह सही है या फर्जी है।

तीन साल से रोडवेज को

लगा रहा था चूना

रोडवेज फ्लाइंग ने जो पहचान पत्र जब्त किया है वह तीन साल पहले अवैध हो चुका है। तीन साल से वह बसों में यात्रा कर रोडवेज विभाग को चूना लगा रहा था। तीन सालों में विभाग का हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। अब कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया गया है और कार्रवाई की रिपोर्ट भी वापस विभाग को देने के लिए कहा गया है।

कागजात लिए गए कब्जे में

रोडवेज महाप्रबंधक रामकुमार ने बताया कि तीन सितंबर को विभाग की फ्लाइंग टीम गांव फरल के पास चेकिग कर रही थी। चेकिग के दौरान एक व्यक्ति ने पुलिस का पहचान पत्र दिखाया, जिसकी वैधता खत्म हो चुकी थी। जांच के लिए व्यक्ति के कागजात कब्जे में लिए गए थे। अब एसपी व कलायत पुलिस को व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिख दिया है। बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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