सुनील जांगड़ा, कैथल : विधानसभा चुनावों को लेकर हर तरफ चुनावी चर्चा ही हो रही हैं। वोटिग के लिए सात दिन शेष रह गए हैं। चुनावों को लेकर लोगों से बातचीत करने के लिए दैनिक जागरण की टीम दोपहर एक बजे शहर के चिल्ड्रन पार्क में पहुंची। वहां मौजूद लोगों के साथ चुनावी चौपाल कार्यक्रम करके बातचीत की गई। उनसे पूछा गया कि लोग कैसी सरकार चाहते हैं, देश में क्या बदलाव हुआ है और क्या बदलाव होने चाहिए। चौपाल में मौजूद लोगों ने भाजपा और कांग्रेस पार्टी को लेकर ही अपने विचार व्यक्त किए। लोगों ने एक दूसरे की बात को काटा और अपने-अपने मत जागरण टीम के सामने रखे।

चौपाल में मौजूद गुरमेल सिंह ने कहा कि देश में सैनिकां का असली सम्मान तो इब होया सै। इब तो कश्मीर मैं भी सैनिकां पै पत्थर कोनी बरसदे। सैनिक ओडै सिर उठा कै चालैं सैं। तभी बात को काटते हुए रामप्रकाश ने कहा कि यू मोदी तो जद भी देखो दूसरे देसां मैं रवै है। रही बात हरियाणा कि हामना तो इसा नेता चहिए है जो हरियाणा ही नहीं पूरे देश मैं आपणी पहचान राखदा हो। विधायक तो बण जै अर लोग उसने जाणदे ना पावैं उसका भी किमे फैदा कोनी। तभी सुंदर लाल ने कहा कि नेता तो आंदे जांदे रवैं हैं। आपणी वोट तो उसतै ही देवांगे जो शहर के बारे में किमे सोचैगा। हामनै तो शहर का विकास और बाल्कां की नौकरी चहिए है वा कोये भी दे दियो।

अशोक कुमार ने कहा कि हार जीत का तो इबै कुछ बेरा नी। लोग भी मजे ले रे हैं अर खुल कै कुछ नी बोलदे। इब तो जद रजल्ट आवैगा जदे बेरा पाटैगा अक कौणसा विधायक बणया सै।

रोजगार दिलाने वाले नेता को देंगे वोट

युवा सुनील कुमार ने बताया कि नेता तो आते जाते रहते हैं और पार्टियां भी बदलते रहते हैं। हमें तो ऐसा नेता चाहिए जो सबको साथ लेकर चल सके। अगर विधायक बने तो जिले की आवाज विधानसभा में भी रख सके। ज्यादातर नेता चुनावों के समय ही जनता से मिलते हैं और चुनावों के बाद बात तक नहीं करते। ऐसे नेता को वोट भी नहीं देनी चाहिए। जो उम्मीदवार विकास व रोजगार दिलाने का भरोसा दिलवाएगा उसको ही वोट मिलेगा।

बॉक्स : देश में काफी बदलाव हुए

गुरमेल सिंह ने कहा कि जो सरकार केंद्र में बनी है उसे ही वोट देने का फायदा होता है। पांच सालों में देश में काफी बदलाव हुए हैं। युवाओं को बिना रिश्वत के नौकरी भी मिली हैं। उनकी सोच यही है जो केंद्र में हो उसे ही हरियाणा में आना चाहिए। पांच सालों में जिले में वे काम नहीं हो पाए जो होने चाहिए थे। धारा 370 को हटाना देशहित में बड़ा फैसला था।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप