जागरण संवाददाता, कैथल : स्वास्थ्य ठेका कर्मियों की हाजिरी न लगाने के विरोध में आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों ने शुक्रवार को सिविल सर्जन कार्यालय में प्रदर्शन किया। इन कर्मचारियों ने विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि कि एक मई से नए सिरे से ठेका छोड़े जाने के बाद ठेकेदार ने हाजिरी तक नहीं लगाई है, जो कि गलत है। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारी जरनैल सिंह, ओमपाल भाल और रामफल ने किया।

वहीं, यहां पर जब अधिक संख्या में कर्मचारी पहुंचे तो सिटी थाना प्रभारी शिवकुमार सैनी को स्वयं यहां पर अपनी रिजर्व पुलिस के साथ पहुंचना पड़ा। उन्होंने कर्मचारियों को यहां से धारा-144 लगाने का हवाला देकर जाने के लिए, लेकिन वह नहीं मांगे। जब एसएचओ ने उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी तो प्रतिनिधिमंडल के सदस्य एसडीएम डा. संजय कुमार को ज्ञापन देने के बाद वह यहां से चले गए। आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों का कहना था कि जब भी ठेकेदार का टेंडर बदलता है तो वह कर्मचारियों से रिश्वत मांगकर भ्रष्टाचार करने का कार्य करते हैं।

जबकि सरकार के आदेशों के तहत ठेकेदार बदलने के बाद वह पुराने कर्मचारियों को नौकरी से नहीं हटा सकते हैं। उसके बावजूद अनुबंध पर लगे कर्मचारियों की एक मई से हाजिरी नहीं लगाई जा रही है। ऐसे में उन्हें अंदेशा है कि कही उन्हें नौकरी से न निकाल दिया जाए।

पुलिस ने धारा 144 का हवाला दे वापस जाने का किया आग्रह

जिस समय स्वास्थ्य कर्मी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे तो उस समय सिटी थाना प्रभारी शिवकुमार सैनी ने धारा-144 का हवाला देकर उन्हें वापस देने के लिए कहा। परंतु वह नहीं माने और कर्मचारियों ने बातचीत करवाने की मांग की। इस दौरान कर्मचारी काफी देर तक यहां पर सिविल सर्जन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान एसडीएम डा. संजय कुमार भी पहुंचे। जिसके बाद यूनियन के पांच सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला। एसडीएम द्वारा आश्वासन देने के बाद उन्हें वापस लौटने के लिए कहा। जिसके बाद ही वह वापस लौटे।

वर्जन : ठेकेदार को नोटिस जारी की जाएगी

अनुबंध पर लगे कर्मचारियों द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं। उसको लेकर ठेकेदार को नोटिस जारी कर जानकारी मांगी जाएगी। जिसके बाद यदि ठेकेदार की कहीं कमी पाई जाती है तो उसके खिलाफ जो भी विभागीय कार्रवाई होगी। वह की जाएगी।

डा. ओमप्रकाश, सिविल सर्जन, कैथल।

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