जागरण संवाददाता, कैथल : शहर से गांव की ओर से जाने वाले लिक मार्गो पर सांकेतिक चिह्न और बोर्ड हीं है, जिस कारण यहां पर वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई जगहों पर सांकेतिक चिह्न झाड़ियों में छिपे हुए नजर आते हैं, इससे हादसे हो रहे हैं। शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित रास्तों से स्टेट व नेशनल हाईवे के बीचों बीच ही डिवाइडर बना दिए गए हैं। जो अक्सर हादसों का कारण बनते हैं। इसमें शहर से चीका रोड, अंबाला रोड, जींद रोड पर हादसों का खतरा अधिक रहता है। यहां पर सड़क बीचों-बीच में डिवाइडर बना दिए गए हैं, जिससे हादसे की आशंका रहती है। जहां बोर्ड या चिह्न बनाए गए हैं वे पेड़ों की आड़ में छुप हुए हैं। इससे वाहन चालकों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। वाहन चालकों ने इस समस्या के समाधान करने की मांग की है। रात के समय होती है अधिक समस्या

शहर से गांवों की ओर जाने वाले अधिकतर मार्गाें पर लोक निर्माण विभाग की ओर से सांकेतिक चिन्ह और बोर्ड नहीं लगाए गए है। जिस कारण गांवों की ओर से जाने वाले मार्गाें पर वाहन चालकों के आते व जाते हुए हादसों का अंदेशा बना रहता है। इन मार्गाें पर रात के समय अधिक समस्या बनी रहती है। शहर में यहां पर है समस्या

शहर में डोगरा गेट मोड़, प्रताप गेट स्थित अंबेकश्वर मंदिर, चंदाना गेट, शहीद भगत सिंह चौक पर गलत तरीके से एक तरफ डिवाइडर बनाए गए हैं, जहां पर वाहन चालकों को समस्या आती है। इस समस्या का लोक निर्माण विभाग को समाधान करना चाहिए, ताकि हादसे न हो सके। फुटपाथ शुरू होने का सांकेतिक चिह्न होना चाहिए

सड़क सुरक्षा संगठन के जिला प्रधान राजू डोहर का कहना है कि शहर के अंदर कई मार्गाें पर डिवाइडर टूटे हुए है। इसके साथ ही कई मार्गाें पर डिवाइडर का निर्माण ठीक ढंग से नहीं किए गए है। वहीं जहां से फुटपाथ शुरू हो रहे हैं वहां सांकेतिक चिह्न नहीं है। गांव की ओर जाने वाले अधिकतर रास्तों पर झाड़ियां खड़ी हैं। इनसे भी हादसा होने का डर बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की। संबंधित विभाग के कार्यकारी अभियंता वरूण कंसल से फोन लाइन पर बातचीत करने का प्रयास किया गया, परंतु उन्होंने फोन नहीं उठाया।

Edited By: Jagran

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