यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बीमा क्लेम के फार्म रद्द होने से किसानों में रोष
संवाद सहयोगी, गुहला-चीका : बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के मुआवजे को लेकर बीम

संवाद सहयोगी, गुहला-चीका : बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के मुआवजे को लेकर बीमा कंपनी द्वारा क्लेम फार्म रद किए जाने के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन ने एसडीएम गुहला को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि फसलों का मुआवजा या तो सरकार खुद दे या बीमा कंपनियों से दिलवाए।
किसानों के जत्थे की अगुवाई कर रहे भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने कृषि बीमा योजना को खुली लूट करार देते हुए कहा कि जब किसानों को कुछ देना ही नहीं है तो फिर किस लिए किसानों के खातों से जबरदस्ती प्रीमियम की राशि काटी जाती है।
कसाना ने कहा कि भाकियू शुरू से कहती आ रही है कि सरकार ने फसल खराब होने के 48 घंटों के भीतर भीतर जिला कृषि निदेशक को फार्म भरकर सूचना देने का जो नियम बनाया है, इसमें समय नाकाफी है। उन्होंने कहा कि कुदरती आफत के बाद वाले घंटों में किसान अपनी बची खुची फसल को ही संभालने में लग जाता है, उसे बीमा योजना के क्लेम फार्म भरने की सूझ कहां रहती है।
कसाना ने कहा कि अब किसानों के क्लेम फार्म 48 घंटों की समय सीमा के बाद जमा होने की बात कहकर रद कर दिए गए हैं जो कि गलत है। यह सरासर बीमा कंपनियों को फायदा और किसानों का नुकसान करने वाला नियम है, इसलिए सरकार इस नियम की सीमा बढ़ाए।
छह को किसान बचाओ रैली
एसडीएम को दिए ज्ञापन में भाकियू नेता ने चेतावनी दी कि अगर एक हफ्ते के भीतर भीतर सरकार ने खराब हुई फसलों का आकलन करवाकर किसानों को उसकी भरपाई ना की तो आगामी छह मार्च को कैथल में एक विशाल किसान बचाओ रैली की जाएगी। इसमें सरकार के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा रची जाएगी। इस अवसर पर किसान नेता श्याम ¨सह, लख¨वद्र ¨सह, कुलदीप ¨सह, हरदेव ¨सह, नवदीप सीड़ा, लक्खा कसौर, हर¨जद्र नंबरदार, काली आंतिल, रामप्रताप कसाना, सतीश मेहरा, सुखा कसाना व विक्रम गुर्जर मौजूद थे।
