यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
निर्माण के 47 वर्ष बाद भी विस्तार नहीं ले पाई कलायत अनाज मंडी
संवाद सहयोगी कलायत अनाज मंडी कलायत में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष फसलों की आवक में क

संवाद सहयोगी, कलायत : अनाज मंडी कलायत में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष फसलों की आवक में कमी आ रही है। मंडी वर्ष 1974 के लगभग अस्तित्व में आई थी, जो करीब 20 एकड़ में बनी हुई है। निर्माण के 47 वर्ष बाद भी इसका विस्तार नहीं हुआ। मार्केट कमेटी सचिव अरविद कुमार ने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस बार मंडी में फसलों के भाव अधिक है। इसके बावजूद फसलों की आवक कम बनी हुई है। अब तक मंडी में धान की किस्मों की आवक दो लाख 88 हजार 799 क्विटल हुई है। पिछले साल धान की आवक तीन लाख 11 हजार 788 क्विटल हुई थी। अब तक कपास की आवक तीन हजार 435 क्विटल हो चुकी है। पिछले वर्ष 28 हजार 564 क्विटल हुई थी। सचिव ने बताया कि किसान जो फसल लेकर आते हैं, उसका कमेटी कर्मचारियों द्वारा गेट पास बनाया जाता है। उसके बाद ही फसल मंडी में लाई जा रही है। किसानों को भी गेट पास बनवाने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। अनाज मंडी के विस्तारीकरण के लिए लगभग 42 एकड़ जमीन अधिग्रहण की गई थी। इस जमीन के मालिकों ने मुआवजा राशि को लेकर असहमति जताई थी। मंडी के विस्तारीकरण के लिए ली गई जमीन का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
