जागरण संवाददाता, कैथल : कृषि विभाग के उप निदेशक डा. कर्मचंद ने बताया कि खरीफ सीजन 2021 के लिए विभाग द्वारा जिला के लिए चार हजार एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस बार धान की सीधी बिजाई करने वाले पात्र किसानों को पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि गठित कमेटी द्वारा भौतिक सत्यापन बाद उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। भौतिक सत्यापन के लिए कृषि विकास अधिकारी, पटवारी, नंबरदार व संबंधित किसान को कमेटी में शामिल किया गया है। जो किसान खरीफ 2021 के दौरान धान की सीधी बिजाई के इच्छुक हैं उन्हें मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही 30 जुलाई तक गठित टीम से लगाए गए प्रदर्शन क्षेत्र का भौतिक सत्यापन करवाना होगा। एक किसान को अधिकतम एक हैक्टेयर तक का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि धान की सीधी बिजाई करने से 20 से 30 फीसद तक पानी की बचत होती है जो आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इससे धान की रोपाई के लिए मजदूरी कम लगती है। जिससे किसानों को आर्थिक तौर पर लाभ होता है। ऐसे करें धान की सीधी बिजाई

उप निदेशक डा. कर्मचंद ने बताया कि बेहतर परिणामों के लिए किसानों को समय पर और सिफारिश के अनुसार सभी कृषि क्रियाएं करनी चाहिए। सबसे पहले खेत को लेजर लैंड लेवलर से समतल करवाएं व डीएसआर मशीन द्वारा उपचारित बीज की बिजाई सायंकाल के समय करें इससे भूमि में नमी अधिक देर तक बनी रहेगी। बिजाई के समय कतारों की दूरी 20 सेमी रखें और बीज की 3-5 सेमी की गहराई तक ही बिजाई करें। हल्की भूमि में धान की सीधी बिजाई करने से कभी-कभी लोहे की कमी के लक्षण नजर आते हैं तो कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर सिफारिश सुदा दवाइयों या खादों का प्रयोग करें।

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