संवाद सहयोगी, कलायत :

ढूंढवा-कौलेखां सरकारी स्कूल की कामर्स छात्राओं को व्यवहारिक ज्ञान देने के लिए प्राध्यापक ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का दौरा करवाया। प्राध्यापक संजय शर्मा ने बताया कि स्कूल में पिछले दो साल से कामर्स संकाय प्राध्यापक न होने के कारण बंद ही पड़ा था। इस बार फरवरी महीने में उनकी नियुक्ति इस स्कूल में होने के बाद उन्होंने ग्यारहवीं कक्षा से संकाय की फिर से शुरूआत की है।

उन्होंने बताया कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान से विषय कम ही समझ में आ रहा था। इस समय स्कूलों में छुट्टियां होने के बावजूद भी वे विद्यार्थियों की विषय की व्यवहारिक समझ व रुचि जागृत करने के लिए बाजार में स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों का दौरा करवा कर पूंजी निवेश के लक्षण, बैंकिग व व्यापार के विभिन्न स्वरूपों से आत्मसात करवाया।

छात्रा सोनिया, पूजा, शीतल व मानसी ने बताया कि विषय समझ में ही नही आ रहा था। उन्हें क्लास रूम में यह भी क्लीयर नही हो रहा था कि बाजार किसे कहते है। सोनिया ने कहा कि कलायत के बाजारों में स्थिति विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जाकर विषय को बारीकि से सीखने का अवसर मिला। प्रधानाचार्य प्रवीण शर्मा ने कहा कि इस तरह के जमीनी प्रयासों की सबसे अधिक आवश्यकता है, ऐसे मिलने वाला ज्ञान बच्चों को विषय के और नजदीक लेकर जाता है, जिससे बच्चे की विषय में रुचि बनती है।

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Posted By: Jagran

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