जागरण संवाददाता, कैथल : विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग की ओर से आदर्श आचार संहिता लगा दी गई है। इसके लगते ही शहर के विकास की उम्मीद भी टूट गई है। सिर्फ नगर परिषद में पार्षदों की आपसी लड़ाई व राजनीति के कारण करीब 70 करोड़ के विकास कार्य प्रभावित होंगे।

पांच सितंबर को नगर परिषद में हाउस की हंगामेदार बैठक हुई थी। 31 पार्षदों के दो गुट बने हुए हैं। बैठक में दस करोड़ 27 लाख रुपये के सीएम घोषणा के काम के लिए प्रस्ताव पास करने के लिए रखे गए थे। कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने इन कार्यों को लेकर अपनी सहमति नहीं दी।

बैठक में करीब 25 वार्डों के विकास कार्यों की सूची रखी गई थी जो कि करीब 11 करोड़ रुपये के थे। भाजपा समर्थित पार्षदों ने इन कार्यों को लेकर विवाद खड़ा कर दिया। 20 वार्डों में साढ़े दस करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर लगाए गए थे, जिन्हें आपसी बहस के कारण खोला नहीं जा सका। अब आचार संहिता लग चुकी है और इन कामों के लिए एक महीना इंतजार करना पड़ेगा।

सिटी व बैंक स्क्वेयर का काम बंद

पुराने बस स्टैंड पर करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से सिटी व बैंक स्क्वेयर का काम होना है। निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की शिकायत होने व अधिकारियों पर केस दर्ज होने के बाद यह काम करीब पांच महीनों से बंद ही पड़ा है। अब एक महीने तक यह काम भी शुरू नहीं हो जाएगा।

नहीं शुरू हो पाएंगे नए काम

आचार संहिता के कारण विभिन्न विभागों में नए कार्य शुरू नहीं हो पाएंगे। जिन कार्यों के लिए आचार संहिता से पहले बजट आ चुका है, वे कार्य ही शुरू हो सकेंगे। कोई भी विभाग किसी भी कार्य को लेकर नई घोषणा अब नहीं कर पाएगा। एक महीने के लिए लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। जिला प्रशासन के सभी अधिकारी अब चुनावों में ही व्यस्त रहेंगे।

कोई भी नया काम शुरू

नहीं किया जा सकता

नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि आचार संहिता के कारण विकास कार्य प्रभावित होते हैं। जो कार्य पहले से चल रहे हैं वे ही जारी रहेंगे। इस दौरान कोई भी नया काम शुरू नहीं किया जा सकता और ना ही किसी कार्य की घोषणा की जा सकती है।

Posted By: Jagran

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