संवाद सहयोगी, पाई : आदर्श गांव पाई में सीवरेज मैनहोल बनने से पहले ही टूटने लगा है। इसके चलते सरकार को करोड़ों का चूना लग सकता है। पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी अभियंता ने इसके पीछे प्राकृतिक कारण बताया है। ग्रामीणों ने सरकार से इन सीवरेज के सैंपल लेकर जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इसमें भारी गोलमाल हुआ है। इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।

सर्व मंगल कामना ट्रस्ट के सदस्य वीरेंद्र, जगदीश, गुरनाम, बलवीर ने बताया की पाई में एक वर्ष से ज्यादा समय से सीवरेज डालने का कार्य चल रहा है। सीवरेज प्रणाली का शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जून 2018 में किया था और ग्रामीणों को बताया था कि इसका निर्माण 26 करोड़ से पारदर्शी होगा। इसका ठेका अशोक कुमार को दिया गया है। सीवरेज के मैनहाल बनाते समय घटिया स्तर की सामग्री का प्रयोग किया गया है। इसके साथ सामग्री का मिश्रण भी सही प्रकार से नहीं किया गया और अब सीवरेज के मेन हाल टूटने लगा है। टूटे मैनहॉल में ईटों के बीच में सीमेंट की बजाए मिट्टी नजर आ रही है।

ग्रामीण पहले भी कई बार घटिया सामग्री प्रयोग करने की आवाज उठा चुके है, लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। मैनहॉल के ढक्कन भी बहुत घटिया स्तर के है और बड़े वाहन निकलते ही टूट जाते हैं। कुछ मैनहॉल को घटिया सामग्री होने से गिरने पर दोबारा भी बनाना पड़ा है। गांव के बाबा बिशन पुरी के पास मैनहॉल व उनके ढक्कन टूटे पड़े हैं।

बाक्स- मिट्टंी का भराव सही तरीके से नहीं हुआ

ठेकेदार अशोक कुमार ने बताया कि मैनहॉल के पास की मिट्टी अभी कच्ची है और सही प्रकार से भराव नहीं हुआ। जो अब बरसात में बैठ गई। इसके साथ इन मैनहॉल के ऊपर से कोई भारी वाहन गुजरा होगा। इस कारण ऐसी दिक्कत आती है। इसे ठीक करवाकर इसे दूर किया जाएगा। बाक्स-

पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी अभियंता वीके गुप्ता ने बताया कि प्रकृति को कौन रोक सकता है, प्रकृति के आगे किसी की नहीं चलती। अब बरसात हुई और पास की मिट्टी धंस गई। इसके ऊपर से वाहन गुजरने से ये टूट गए होंगे। जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा। -----------

Posted By: Jagran

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