जागरण संवाददाता, जींद : नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में कैंटीन के सामने हल्की बरसात से पानी भर गया है। इस जगह पर जलभराव की समस्या नई नहीं बल्कि चार साल से बनी हुई है। अस्पताल के नए भवन के निर्माण के समय इस एरिया के पानी की निकासी के लिए डाली गई लाइन बंद हो गई थी, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने नए भवन निर्माण के बाद पैदा हुई समस्या के समाधान पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके कारण हल्की सी बरसात से यहां पर कई-कई फुट पानी खड़ा हो जाता है और इसके कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके अलावा कई दिन यहां पर पानी का ठहराव होने से पानी भी बदबू मारने लगा। एक माह पहले हुई बरसात के दौरान भी यहां पर बरसात का पानी करीब दस दिन तक खड़ा रहा और उस पर मच्छर पनप रहे थे। 28 नवंबर को जब विधायक डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने अस्पताल का दौरा किया तो उन्होंने भी पानी भरने का कारण पूछा। विधायक ने उस समय अस्पताल में भरे इस पानी को तुरंत ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निकालने व पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों को इसका स्थाई समाधान करने के आदेश दिए थे। उस समय तो अधिकारियों ने इसका एक-दो दिन में समाधान का आश्वासन दे दिया, लेकिन बाद में इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया और स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसके अलावा अस्पताल प्रशासन भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा।

पानी भरने से टूट गया रोड

जिस जगह पर पानी का ठहराव होता है वहां पर बजरी व तारकोल से सड़क बनाई हुई है। वहां पर बार-बार पानी का ठहराव होने से सड़क टूट गई और गहरे गड्ढे बन गए। पिछले दिनों ही इस जगह पर तारकोल व बजरी से पक्का किया था।

मैनहोल से लेवल सही नहीं होने से भर रहा पानी

मेनहोल से लेवल का मिलना सही तरीके से नहीं किया गया है। इसके कारण यह पानी अस्पताल के मैनहोल तक नहीं पहुंच पाता। इसके बारे में कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लिखा जा चुका है, लेकिन इसका समाधान नहीं हो रहा। दोबारा से जनस्वास्थ्य विभाग को लिखा जाएगा।

डॉ. शशि प्रभा अग्रवाल, पीएमओ नागरिक अस्पताल

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