जागरण संवाददाता, जींद: देश और धर्म पर बलिदान होने वाले बच्चों की स्मृति में बाल बलिदान दिवस घोषित होना चाहिए। डीएवी संस्थान ऐसे सभी बच्चों की जीवनी या अपनी पुस्तकों में प्रकाशित करेगा। डीएवी कालेज प्रबंध समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदमश्री डा. पूनम सूरी ने डीएवी पब्लिक स्कूल में यह बात कही।

डा. पूनम सूरी ने कोरोना काल में अनुकरणीय सेवा करने वाले डीएवी के अध्यापकों और बोर्ड परीक्षाओं में टापर विद्यार्थियों को सम्मानित किया। डा. पूनम सूरी को 101 केसरिया पगड़ी धारी वीरांगनाओं और मोटरसाइकिलों के जत्थे ने जींद शहर के इंट्री प्वाइंट पर स्वागत किया। शहर की सामाजिक संस्थाओं की बाल शौर्य सम्मान समिति की ओर से पूनम सूरी को विद्या मार्तंड और उनकी पत्नी मंणी सूरी को सरस्वती शिरोमणि सम्मान से नवाजा गया। पूनम सूरी ने कहा कि डीएवी संस्थाएं मशीनी मानव का निर्माण नहीं करती, वे इंसानों का निर्माण करती हैं। डीएवी की नींव में महर्षि दयानंद सरस्वती के वैदिक विचार हैं।

डा. धर्मदेव विद्यार्थी ने कहा कि स्कूल के बच्चे सदा जिला में प्रथम द्वितीय स्थान पर आते हैं। खेलों में फेंसिग और योग की कोचिग दी जाती है। डीएवी स्कूल की साइंस लैब को साइंस और टेक्नोलाजी विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर ए ग्रेड प्रदान किया है। डीएवी संस्थाओं के निदेशक जेपी शूर, स्कूल के मैनेजर और डीएवी के कोषाध्यक्ष ब्रिगेडियर अशोक कुमार, सचिव सत्यपाल आर्य ने डीएवी जींद के छात्र आईएएस, एचसीएस व सेनाओं में सेवाएं दे रहे हैं। हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डा. जयदीप आर्य ने स्कूल की उपलब्धियों को देखते हुए स्कूल में योग एकेडमी बनाने की घोषणा भी की। पूनम सूरी ने स्कूल के साइंस भवन को डीएवी के कर्णधार और विश्व के जाने-माने वैज्ञानिक गुरुदत्त विद्यार्थी के नाम पर समर्पित किया। स्कूल में बने आडिटोरियम को स्वामी दयानंद के नाम पर समर्पित किया गया। इस मौके पर पीसी जैन, सरदार जोगिदर पाहवा, सरदार गुरजिदर सिंह, वीरेंद्र राठौड़, डीसी विकास, रामनिवास अहिरका, पंडित तेलू राम, सूर्य देव, राम नारायण इत्यादि नगर के सभी सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख उपस्थित रहे।

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