नगर परिषद ने टेंडर में लगाई थी पांच साल के अनुभव की शर्त, किसी के पास नहीं मिला जागरण संवाददाता, जींद : शहर में बंदर पकड़ने के लिए नगर परिषद द्वारा दोबारा टेंडर मांगे जाएंगे। पिछले दिनों बंदर पकड़ने के लिए तीन एजेंसियों ने टेंडर भरे थे। उनमें से कोई भी एजेंसी टेंडर की शर्तों पर खरा नहीं उतरी। ऐसे में शहर में बंदर पकड़ने का अभियान शुरू होने में अभी और समय लगेगा। गौरतलब है कि शहर में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिससे शहरवासी परेशान हैं। रोहतक रोड, अर्बन एस्टेट समेत कई क्षेत्रों में तो बंदर गलियों में भी बैठे रहते हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने इसी माह टेंडर मांगे थे। तीन एजेंसियों ने टेंडर भरे थे। जिनमें दो मथुरा और एक एजेंसी गोहाना की थी। नगर परिषद ने बंदर पकड़ने का टेंडर लेने के लिए पांच साल का अनुभव होने की शर्त लगाई थी। इसी सप्ताह नगर परिषद ने तीनों एजेंसियों के कागजात की जांच की, तो किसी के पास पांच साल का अनुभव नहीं मिला। वहीं किसी एजेंसी ने वन विभाग से भी लाइसेंस नहीं लिया था। कागजात की जांच के बाद फाइनेंशियल बिड खोल कर न्यूनतम रेट देने वाली एजेंसी को टेंडर अलाट किया जाना था। लेकिन किसी एजेंसी के निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं करने की वजह से फाइनेंशियल बिड नहीं खोली गई। नगर परिषद दोबारा लगाने वाले टेंडर की शर्त में कुछ बदलाव कर सकती है। जिसमें पांच साल के अनुभव की शर्त को कम किया जा सकता है।

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बंदर पकड़ने के टेंडर के लिए तीन एजेंसियों ने आवेदन किया लेकिन कोई भी एजेंसी शर्तो पर खरी नहीं उतरी। उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर जल्द ही दोबारा टेंडर लगा दिया जाएगा।

मोहन भारद्वाज, मुख्य सफाई निरीक्षक,नगर परिषद।

Edited By: Jagran