जागरण संवाददाता, जींद : एडीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में कमेटी ने वीरवार को रोहतक रोड और मिनी बाईपास सड़क के धंसने के कारणों की जांच के लिए एनआइटी कुरुक्षेत्र से आए एक्सपर्ट के साथ दौरा किया। जहां नगर परिषद, पब्लिक हेल्थ और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने अपने-अपने पक्ष रखे। स्थानीय लोगों से भी बात कर सड़क धंसने के कारणों के बारे में जाना। डीसी नरेश नरवाल ने धंसी सड़कों की जांच के लिए एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। जिसमें जिला नगर आयुक्त, नगर परिषद, पीडब्ल्यूडी और पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन के साथ साथ एनआइटी (नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी) कुरुक्षेत्र के एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया था। पिछले माह कमेटी ने धंसी सड़कों का निरीक्षण किया था। लेकिन उस समय एनआइटी के एक्सपर्ट नहीं आए थे। पीडब्ल्यूडी की तरफ से एक्सपर्ट को धंसी सड़कों के वीडियो दिखाए गए और डीनाइटी रिपोर्ट व अन्य कागजात दिखाए। वहीं नगर परिषद और पब्लिक हेल्थ अधिकारियों ने भी अपने पक्ष रखे। सड़क किन कारणों से धंसी, जांच कर इसकी रिपोर्ट एक्सपर्ट कमेटी को देंगे। गौरतलब है कि जुलाई में बारिश के दौरान रोहतक रोड और मिनी बाईपास कई जगह से धंसे थे। यहां नगर परिषद ने अमृत योजना के तहत बरसाती पानी की लाइन और पब्लिक हेल्थ ने सीवर लाइन डाली थी। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि बरसाती पानी की लाइन और सीवर लाइन की लीकेज के कारण सड़क धंसी है। जबकि नगर परिषद और पब्लिक हेल्थ के अधिकारी अपनी लाइन के लीके होने से सड़क नहीं धंसने का दावा कर रहे थे। तीनों विभागों द्वारा एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की वजह से धंसी सड़कों को ठीक भी नहीं कराया गया। जिसके बाद भाजपा विधायक डा. कृष्ण मिढ़ा की मांग पर विधानसभा सब्जेक्ट कमेटी ने भी इन सड़कों की जांच की थी। वहीं पीडब्ल्यूडी ने एनआइटी कुरुक्षेत्र से और नगर परिषद ने थर्ड पार्टी एजेंसी से जांच कराई। लेकिन विभागों ने एक-दूसरे की कराई जांच को मानने से इंकार कर दिया। उसके बाद डीसी नरेश नरवाल ने इस मामले की विभागीय जांच के लिए एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। इस कमेटी को एक सप्ताह में जांच पूरी कर डीसी को सौंपना था। इस मामले में एडीसी द्वारा काल रिसीव नहीं करने की वजह से बात नहीं हो सकी।

तीनों विभागों के एसीएस भी कर रहे जांच

विधानसभा सब्जेक्ट कमेटी की 22 सितंबर को बैठक हुई थी। सड़क धंसने के मामले में किस विभाग की कितनी गलती है, ये जांच करने के लिए पीडब्ल्यूडी, नगर परिषद और पब्लिक हेल्थ के अतिरिक्त मुख्य सचिव को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिनको को एक माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट देनी है। साथ ही धंसी हुई सड़कों को ठीक कराने के आदेश भी दिए गए थे। नगर परिषद और पब्लिक हेल्थ द्वारा उनकी पाइप लाइन लीक नहीं है, ये लिखित में देने के बाद धंसी सड़कों को मिट्टी डालकर ठीक करने का काम शुरू कर दिया था। मिनी बाईपास पर अभी भी काम चल रहा है।

स्थानीय लोगों ने पूछा, कब जांच होगी पूरी और आरोपित अधिकारियों पर कार्रवाई

रोहतक रोड पर जब जांच के लिए अधिकारी पहुंचे, तो जींद विकास संगठन के अध्यक्ष राजकुमार गोयल एडीसी से मिले। उन्होंने जांच रिपोर्ट जल्द सौंपने, सड़क को जल्द नए सिरे से बनाने और आरोपित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। स्थानीय लोगों ने एडीसी के सामने सड़क का खूब रोना रोया। राजकुमार गोयल, फर्नीचर एसोसिएशन के प्रधान राकेश सिघल, भोलू राम, रमेश, रणधीर, सुमित, तिलक, महेंद्र, बिट्टू, प्रवीण गोयल, ओमप्रकाश ने बताया कि पिछले लंबे समय से जांच पर जांच हो रही है। अफसर गाड़ियों के काफिले के साथ आते हैं और दौरा करके चले जाते हैं। यह सड़क वैसे ही तीन साल से बदहाल थी। लंबे संघर्ष के बाद मुश्किल से बननी शुरू हुई, तो बनते ही जगह जगह से धंस गई। जिसके चलते यहां के लोगों की जिदगी नरक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सड़क धंसी को करीब तीन महीने हो गए, आज तक ना तो सड़क ठीक हुई और ना ही कोई जांच रिपोर्ट आई। आरोपित अधिकारियों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधानसभा सब्जेक्ट कमेटी भी यहां का दौरा कर चुकी है।

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