कर्मपाल गिल, जींद

चौ. रणबीर ¨सह यूनिवर्सिटी (सीआरएसयू) के वाइस चांसलर को गोली मारने के प्रयास के बाद सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही के कारण ही कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था में कई छेद हैं। यूनिवर्सिटी ने निजी कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड रखे हुए हैं, जिनको किसी तरह की ट्रे¨नग भी नहीं दी गई है।

सीआरएसयू की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी आउटसोर्स के 38 सिक्योरिटी गार्ड के कंधों पर है। ये सिक्योरिटी गार्ड एक निजी कंपनी के मार्फत रखे हुए हैं। इनको किसी तरह की ट्रे¨नग भी नहीं दी गई है। कुछ गार्ड नेताओं या अधिकारियों की सिफारिश से लगे हुए हैं तो कुछ कंपनी ने भर्ती किए हुए हैं। किसी गार्ड के पास लाइसेंसशुदा कोई हथियार भी नहीं है। कुछेक गार्डों को सिर्फ टॉर्च व डंडा ही थमाया गया है। इन 38 सिक्योरिटी गार्डों के ऊपर 2 सुपरवाइजर और 1 सिक्योरिटी आफिसर है। अनट्रेंड सिक्योरिटी गार्ड रखने का ही नतीजा था कि मंगलवार सायं वीसी पर हमला करने आए दोनों युवकों में से एक के हाथ से देसी कट्टा नीचे भी गिर गया था। बावजूद वह कट्टा उठाकर भागने में सफल हो गए। दैनिक जागरण ने भी कई सिक्योरिटी गार्डों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उन्हें किसी तरह की ट्रे¨नग नहीं दिलवाई गई है। कैंपस की सुरक्षा के प्रति यूनिवर्सिटी प्रशासन कितना लापरवाह है, इसकी बानगी यह भी है कि मात्र एक स्थायी सुरक्षा अधिकारी का पद सैंक्शन है और वह खाली पड़ा हुआ है। मंगलवार सांय वीसी को गोली मारने पहुंचे युवक नरेंद्र मलिक ने करीब छह माह पहले भी वीसी पर रॉड से हमला करने का प्रयास किया था। इस घटना के बाद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पूरी तरह सबक नहीं लिया और सुरक्षा कर्मियों को ट्रे¨नग की पहल नहीं हुई।

--एसएसपी के कहने के बाद नहीं खुलवाई पुलिस चौकी

वीसी प्रो. आरबी सोलंकी पर छह माह पहले युवक नरेंद्र मलिक ने जब रॉड से हमला करने का प्रयास किया था, तब एसएसपी डॉ. अरुण ¨सह ने वीसी को यूनिवर्सिटी कैंपस में पुलिस चौकी खुलवाने की बात कही थी। एसएसपी ने कहा था कि यह चौकी कैंपस के अंदर खोलने की बजाय ऐसी जगह भी खोल सकते हैं, जिससे पुलिस के जवानों का आवागमन बाहर की तरफ हो। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस पर भी गंभीरता नहीं दिखाई।

--एसएसपी से मिलने पहुंचे विवि के शिक्षकों की लगी क्लास

सीआरएसयू के शैक्षणिक स्टाफ के सदस्य बुधवार को एसएसपी से मिलने पहुंचे और वीसी को सुरक्षा मुहैया करवाने की बात कही। एसएसपी ने इन शिक्षकों की क्लास लेते हुए कहा कि उन्होंने तो छह माह पहले हुए हमले के बाद पुलिस चौकी खुलवाने की बात कही थी, उस पर कुछ रिस्पांस नहीं दिया। आपका सिक्योरिटी सिस्टम सही नहीं है। किसी सिक्योरिटी गार्ड को ट्रे¨नग नहीं दिलवाई गई। एसएसपी ने कहा कि वीसी ने सुरक्षा के लिए एप्लीकेशन दी तो जांच करके सुरक्षा मुहैया करा दी जाएगी।

--वीसी बोले: पुलिस से मांगेंगे सुरक्षा, अपना सिस्टम भी करेंगे मजबूत

वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आरबी सोलंकी ने दैनिक जागरण से कहा कि जल्द एसएसपी से मिलकर पुलिस सुरक्षा मांगी जाएगी। साथ ही, यूनिवर्सिटी कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जल्द ही मी¨टग की जाएगी। छह माह पहले हुए हमले के बाद करीब 15-16 सिक्योरिटी गार्ड को बदलकर एक्स-सर्विसमैन रखे गए हैं। धीरे-धीरे सिक्योरिटी में सभी एक्स-सर्विसमैन ही रखे जाएंगे। सिक्योरिटी गार्डों को ट्रे¨नग देने के लिए भी एसएसपी से मुलाकात की जाएगी। कैराना से 7 हजार में दो देसी कट्टे लाया था सोनू, शराब पीकर पहुंचे थे यूनिवर्सिटी

गांव में ईंख छीलने के लिए आने वाले यूपी के भैये से हुई थी दोस्ती, ढाई माह पहले उसी ने दिलवाए थे कट्टे

फोटो: 38

जागरण संवाददाता, जींद

सीआरएसयू के वाइस चांसलर प्रो. आरबी सोलंकी को गोली मारने के लिए पूर्व छात्र नरेंद्र मलिक के गांव का ही सोनू उत्तरप्रदेश के कैराना से दो देसी कट्टे लेकर आया था। एक कट्टे की कीमत साढ़े तीन हजार रुपये थी। इस तरह सात हजार में दो कट्टे और साढ़े हजार रुपये के कारतूस खरीदे थे। पुलिस पूछताछ में नरेंद्र व सोनू ने यह जानकारी दी। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश करके एक दिन के रिमांड पर ले लिया है।

गांव रामकली निवासी नरेंद्र मलिक के साथी सोनू ने पुलिस को बताया कि सोनू ने बताया कि उनके गांव में ईंख छिलने के लिए यूपी से भैये आते हैं। पिछली बार एक भैये से दोस्ती हो गई थी। उसने कहा था कि वहां कट्टे आसानी से मिल जाते हैं। करीब ढाई महीने पहले वह बस में जाकर कैराना से दो कट्टे लेकर आया था। आते समय दोनों कट्टे थैले में उसे बस की जाली में रख दिया था। रास्ते में कहीं भी चे¨कग नहीं हुई और वह आसानी से उन्हें ले आया था। नरेंद्र मलिक व सोनू ने बताया कि मंगलवार को दिन में उन्होंने दिन में गांव के नजदीक नहर किनारे बैठकर शराब पी थी। इसके बाद कट्टे लेकर यूनिवर्सिटी में आए थे। नरेंद्र ने बताया कि उसकी इंट्री बैन कर रखी है। जबकि यूनिवर्सिटी में बहुत आउट साइडर युवक आते हैं। इसलिए वह वीसी से रंजिश रखता था। नरेंद्र ने बताया कि उसका मकसद वीसी को गोली मारना नहीं था। वह सिर्फ खौफ पैदा करना चाहता था ताकि उसकी इंट्री से बैन हट जाए। नरेंद्र ने बताया कि करीब छह महीने पहले वह ग‌र्ल्स हॉस्टल के बाहर बीमार बहन से बात कर रहा था। तब उसे वहां से भगा दिया गया था। जबकि अन्य छात्र भी ग‌र्ल्स हॉस्टल तक जाते हैं। इसके बाद उसने रॉड से वीसी पर हमला करने का प्रयास किया था।

--नरेंद्र के पिता व भाई पुलिस में

देसी कट्टा लेकर पहुंचे पूर्व छात्र नरेंद्र मलिक ने पुलिस पूछताछ बताया कि उसके पिता पुलिस में नौकरी करते थे, जिनका अब देहांत हो चुका है। उसका छोटा भाई में पुलिस में नौकरी कर रहा है। वहीं सोनू तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है। उसका बड़ा भाई खेती करता है और छोटा भाई 12वीं में पढ़ता है। उसके पिता खेती करते हैं। प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में दोनों युवकों का पुराना क्राइम रिकॉर्ड नहीं मिला है। पुलिस दोनों के रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी हुई है।

Posted By: Jagran