जागरण संवाददाता, जींद : डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल के छात्रों ने पर्यावरण प्रदूषण के विरुद्ध अपनी भावनाओं को विविध रंगों से कैनवस पर अंकित किया। विद्यार्थियों ने ज्वलंत समस्याओं तेल रिसाव, प्रदूषण करने वाली फैक्ट्रियों और ऊर्जा संयंत्रों, विषैले कचरे, कीटनाशक के प्रयोग, जंगल की क्षति के खिलाफ अपने भावों को प्रकट किया। मुख्याध्यापक राजेश कुमार ने कहा कि हमने डायनासोर, बड़े दांत वाले हाथी, गिद्ध जैसे प्रजातियों के बारे में किताबों में ही पढ़ा है। उन्हें कभी देखा नहीं। इस बात को लेकर विशेषज्ञ चितित हैं कि प्रकृति में हो रहे बदलाव के चलते हमारी आने वाली पीढ़ी घर के आंगन में चहचहाने वाली गौरेया, फूलों पर मंडराती रंग-बिरंगी तितली और भंवरे, पराग से शहद बनाती मधु-मक्खी, दाना ले जातीं चींटियां और चीता जैसी कई प्रजातियों के बारे में किताबों में पढ़कर न जाने। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार विश्व पृथ्वी दिवस की थीम प्रजातियों को संरक्षित करें। पोस्टर मेकिग प्रतियोगिता में कक्षा छठी की छात्रा परीक्षा, कक्षा सातवीं से पलक व कक्षा आठवीं से इशिका ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए। यदुवंशी शिक्षा निकेतन में मनाया अर्थ डे

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जींद : यदुवंशी शिक्षा निकेतन ईगराह में बच्चों ने पृथ्वी दिवस मनाया। इस अवसर पर स्कूल के डायरेक्टर एसडी शर्मा और डीन डॉ. अनुप कुमार ने बच्चों को वायुमंडल में फैले विभिन्न विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों से अवगत कराया। इसका बुरा असर हमारी धरती पर भी पड़ता है। जिसके कारण हमारी धरती की उर्वररा शक्ति पर भी बुरा असर पड़ता है। फलस्वरूप पैदावार में गिरावट और जहरीलापन की मात्रा दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।

Posted By: Jagran

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