संवाद सूत्र, नरवाना : श्री रामा भारतीय कला केंद्र के तत्वावधान में हुडा ग्राउंड में चल रही रामलीला के नौवें दिन मंचन अंतिम पड़ाव पर पहुंचा। रामलीला का शुभारंभ ईश्वर चंद गोयल ने विधिवत रूप से किया गया। मां दुर्गा की महाआरती व 108 कन्याओं को प्रसाद वितरण पश्चात मंचन प्रारंभ हुआ। राम-विभीषण मित्रता, अंगद का रावण के दरबार में पांव जमाना, युद्ध का प्रारंभ, लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, लक्ष्मण मूर्छा व हनुमान द्वारा हिमालय से संजीवनी बूटी लाना था। प्रसंगों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध रहा। राक्षसों और वानरों के युद्ध से सभी दिशाओं में कोलाहल हो गया। दोनों ही महारथी हार मानने को तैयार नहीं थे और एक-दूसरे के अस्त्रों को काट रहे थे। अंत में मेघनाद ने ब्रह्मास्त्र द्वारा लक्ष्मण पर प्रहार किया और लक्ष्मण मूर्छित हो गिर पड़े। वानर पक्ष में शोक छा गया और श्रीराम नाना प्रकार से प्रलाप करने लगे। विभीषण के सुझाव पर वैद्य सुषेण को बुलाया गया तथा वैद्य ने सुबह तक संजीवनी बूटी लाने की बात कही। श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण और हनुमान को गले लगाते हैं। यह दृश्य देखकर दर्शक भाव विह्ल हो उठते हैं और जय श्रीराम व जय हनुमान के नारों से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठता है। राम की भूमिका में प्रमोद सिगला, लक्ष्मण की भूमिका में रामप्रकाश, हनुमान की भूमिका में मनजीत गोरा, रावण की भूमिका में वेद अरोड़ा ने अपने सशक्त अभिनय से खूब तालियां बटोरी। प्रधान भारतभूषण गर्ग ने बताया कि विजयदशमी के दिन कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला श्री रामा भारतीय कला केंद्र के मंच पर पधारकर श्रीराम को राजतिलक व सभी कलाकारों को स्मृति चिह देकर सम्मानित करेंगे। उन्होंने बताया कि इस बार दशहरा उत्सव भी एक अलग अंदाज में मनाया जाएगा तथा रावण के 60 फुट के पुतले का दहन किया जाएगा। इस मौके पर पुजारी मेहरचंद, सुशील कौशिक, सतबीर धीमान, रामनिवास जैन, सुभाष बंसल, सुंदर बाता, अचल मित्तल, कुलदीप सिगला, निखिल गर्ग, शोभराज बागडी, विनोद चितारा, राकेश शर्मा, राजेश, प्रेम अरोड़ा व विनोद चितारा आदि मौजूद थे।

Edited By: Jagran