जागरण संवाददाता, जींद : शहर में सीसीटीवी लगाने की घोषणा मनोहर सरकार ने पिछले कार्यकाल में की थी। करीब साढ़े करोड़ रुपये से सीसीटीवी लगाने की जिम्मेदारी नगर परिषद को दी गई थी। पुलिस प्रशासन से नगर परिषद सीसीटीवी लगाने के लिए प्वाइंटों के नाम लेकर टेंडर लगाए। तीन बार टेंडर लगाए, लेकिन तकनीकी कारणों से टेंडर नहीं हो सके। उसके बाद सरकार ने ये काम नगर परिषद से लेकर पुलिस विभाग को सौंप दिया। एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद पुलिस विभाग सीसीटीवी लगाने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं कर सका और ये परियोजना ठंडे बस्ते में है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने रविवार को लघु सचिवालय के सभागार में मीटिग लेते हुए डीआइजी अश्विन शैणवी को निर्देश दिए कि सीसीटीवी लगवाने का काम पीडब्ल्यूडी से कराएं। सीसीटीवी के लिए शहर में ऑप्टिकल फाइबर दबाई जानी हैं, जो काम पीडब्ल्यूडी से कराया जा सकता है। पुलिस प्रशासन इसका प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भिजवाए, ताकि सीसीटीवी लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके।

Posted By: Jagran

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