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उधार की राइफल से नीरू ढांडा ने सीखा निशाना साधना, अब देश की झोली में डाले स्वर्ण व रजत

Published: Wed, 30 Sep 2026 12:04 AM (IST)

नीरू ढांडा ने सीमित संसाधनों के बावजूद एशियाई खेलों में सोना और चांदी जीतकर इतिहास रचा है।

नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड मेडल।

नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड मेडल।

HighLights

  1. नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में सोना और चांदी पदक जीते।

  2. मामा के फार्म पर टिन पर निशाना साधकर प्रतिभा पहचानी।

  3. भारतीय सेना में नायब सूबेदार, कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीते।

अमन कौशिक, जींद। एक कमरे का घर। तीन एकड़ खेती और मां के हाथों से घी बेचकर जुटाई गई कमाई। इन्हीं सीमित संसाधनों के बीच नीरू ढांडा ने सुनहरे सपनों को पंख दिए। कभी बुआ को कबड्डी खेलते देख स्वयं मैदान में उतरने वाली नीरू ने मामा के फार्म पर टिन में निशाना साध जो राह चुनी थी, उस पर चलते हुए एशियाई खेलों में सोना और चांदी साध लिया।

ऐसा निशाना साधा कि आज प्रदेश ही नहीं देश और पूरी दुनिया में शिखर पर है। ट्रैप शूटिंग में व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली 26 वर्षीय संगतपुरा गांव के किसान की बेटी नीरू ढांडा का संघर्ष कम नहीं रहा। बेटी के सोना जीतने की जब मां को मिली, वह डिपो पर राशन लेने गई हुई थी।

पिता सुरेश कुमार किसान हैं और माता सुदेश गृहिणी हैं। छोटा भाई दीपक पढ़ाई कर रहा है। पिता सुरेश के एक पैर में कुछ साल पहले चोट लग गई थी, जिससे उनको चलने में दिक्कत आती है। निशानेबाजी खेल के बारे में नीरू व परिवार के किसी सदस्य को कोई जानकारी नहीं थी। वर्ष 2018 में नीरू अपने पिता के साथ भोपाल गई थी।

वहां नीरू की मां के मुंह बोले भाई सोमबीर पहलवान का फार्म है। सोमबीर पहलवान के बेटे लक्ष्य श्योराण ने 2018 एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। वहां फार्म पर लक्ष्य की राइफल से नीरू ने लोहे की टिन पर सटीक निशाना लगाया। इससे लक्ष्य भी काफी प्रभावित हुए।

मामा और भाई लक्ष्य ने प्रतिभा को पहचाना और फरीदाबाद की एक शूटिंग रेंज में नीरू को प्रशिक्षण दिलवाना शुरू किया। नीरू के पास खुद की राइफल नहीं थी, लक्ष्य ने ही उसे राइफल दी। लक्ष्य श्योराण की ही तरह नीरू भी शूटिंग में मेडल जीतकर परिवार व देश का नाम रोशन करना चाहती थी।

2019 में मध्य प्रदेश स्टेट शूटिंग अकादमी में हुआ चयन

प्रोफेशनल ट्रेनिंग 2019 में मध्य प्रदेश स्टेट शूटिंग अकादमी में चयन हुआ। फिर भारतीय सेना में भर्ती हुई। वर्तमान में भारतीय सेना में नायब सूबेदार और महू (इंदौर) स्थित आर्मी मार्क यूनिट में ट्रेनिंग पर है।

नीरू ने आइएसएसएफ शाटगन विश्व कप 2026 लोनाटो (इटली) में गोल्ड जीता। ट्रैप में वर्ल्ड कप गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी। आइएसएसएफ विश्व कप 2026 अल्माटी कांस्य (मिक्स्ड टीम) जीता। एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप 2025, शिमकेंट में गोल्ड (व्यक्तिगत और टीम) जीता। नेशनल गेम्स 2022 में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

माता-पिता को कहा था- गोल्ड जीतूंगी

नीरू की सोमवार को परिवार के साथ बात हुई थी। उस दौरान माता-पिता से कहा था कि मंगलवार को उसका फाइनल मुकाबला है, जिसमें वह पक्का गोल्ड मेडल जीतेगी। उसकी तैयारी काफी अच्छी है। पिता ने कहा कि नीरू को टिंडी घी और चूरमा पसंद है।

एक कमरे का मकान, भैंस का दूध बेचकर मां ने बेटी को आगे बढ़ाया

नीरू का एक कमरे का मकान है। सिंचाई के लिए अच्छा पानी होने के कारण खेत में पैदावार भी कम होती है। ऐसे में मां सुदेश ने भैंस का दूध घी बेचकर घर चलाया। बेटी घी खाने की शौकीन है, तो उसके लिए भी घी भेजती। घर में आज भी टीवी नहीं है।

इसलिए अब तक शादी नहीं की

नीरू ने घर के कमजोर आर्थिक हालात देखते हुए अब तक शादी नहीं की है। सुदेश ने बताया, नीरू कहती है, पहले वो उनके लिए अच्छा मकान बनवाएगी। परिवार के आर्थिक हालात अच्छे होने पर ही वह शादी करेगी।

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