संवाद सूत्र, उचाना : खटकड़ टोल पर चल रहे धरने की वीरवार को अध्यक्षता कर्ण सिंह ने की। सांकेतिक भूख हड़ताल पर तनूज, अनूज, निट्टू, शुभम, अनीष रहे। जींद में किसानों ने बीजेपी, जेजेपी के नेताओं के प्रवेश को रोकने के लिए मीटिग कर रणनीति बनाई। दोनों पार्टी के नेताओं को रोकने के लिए जींद से चारों तरफ जाने वाले 10 रास्तों पर 10 गांवों को चिन्हित किया गया। इन गांवों में बड़ौदा, उझाना, दनौदा, रामराय, कंडेला, अलेवा, ललित खेड़ा, मनोहरपुर, ईगराह, नगूरां शामिल हैं।

किसानों ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री सहित सभी नेताओं से आह्वान भी किया कि वो भाईचारा को खराब करने के लिए जींद में नहीं आएं। जब तक किसान आंदोलन चल रहा है तब तक कोई भी भाजपा, जजपा का नेता जींद में आएगा तो उनका विरोध करेंगे। आजाद पालवां, सतबीर पहलवान ने बताया कि रणनीति के तहत किसानों को जैसे ही किसी नेता या मंत्री के आने की सूचना मिलेगी। सभी चिन्हित 10 गांवों में तुरंत सूचना पहुंचा दी जाएगी। सूचना मिलते ही इन गांवों के लोग अपने-अपने गांव के मेन रोड पर आकर धरने पर बैठ जाएंगे और नेताओ को जींद में नहीं घुसने देंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के विरोध के चलते दुष्यंत चौटाला को दो बार अपना जींद दौरा रद करना पड़ा है।

---------------- धरना स्थल पर ही मनाएंगे ईद

किसान नेताओं ने बताया कि जब से किसानों का धरना चल रहा है तब से धरना स्थल पर ही तीज-त्योहार सभी धर्मों के लोग एकत्रित होकर मनाते हैं। शुक्रवार को किसान धरना स्थल पर ही ईद मनाएंगे। मौके पर फूल कुमार पेटवाड़, मनोज वकील, ज्ञानी राम, बलिद्र उचाना, रोहताश नगूरां, अमरलाल थुआ, राजबाला, बबली, गीता, अनीता, कृष्णा, पनमेश्वरी, सुखदेई, हरिकेश मौजूद रहे।

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