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लद्दाख में तैनात हरियाणा के सैनिक की मौत, दो माह बाद होने वाली थे रिटायर

Published: Fri, 06 Nov 2026 01:26 AM (IST)

भारतीय सेना के नायब सूबेदार नरेश लाठर का लेह-लद्दाख में हार्ट अटैक से निधन हो गया। 42 वर्षीय जवान 22 ...और पढ़ें

हरियाणा के सैनिक की मौत। फाइल फोटो

हरियाणा के सैनिक की मौत। फाइल फोटो

HighLights

  1. लेह-लद्दाख में भारतीय सेना के नायब सूबेदार का निधन।

  2. 42 वर्षीय नरेश लाठर की हार्ट अटैक से हुई मौत।

  3. राजकीय सम्मान के साथ गांव शादीपुर में अंतिम संस्कार।

संवाद सूत्र, जुलाना (जींद)। गांव शादीपुर निवासी भारतीय सेना के जवान नरेश लाठर का बुधवार को लेह-लद्दाख में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह 42 वर्ष के थे और सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव शादीपुर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। देश की सेवा में 22 साल बिताने वाले जवान के असमय चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

नरेश लाठर 22 वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में उनकी तैनाती लेह-लद्दाख में थी। उन्होंने अपने सैन्य कार्यकाल के दौरान देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही वह सेना से सेवानिवृत्त होकर घर लौटेंगे और परिवार के साथ समय बिताएंगे, लेकिन अचानक आए इस दुखद समाचार ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।

नरेश लाठर के परिवार में उनकी 39 वर्षीय पत्नी प्रीति, 13 वर्षीय बेटा अरमान और 15 वर्षीय बेटी चाहत हैं। पत्नी प्रीति गृहणी हैं। बेटा अरमान नौवीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि बेटी चाहत 11वीं कक्षा की छात्रा है। पिता के असमय निधन से दोनों बच्चों की जिंदगी में ऐसा खालीपन आ गया है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। जिस उम्र में बच्चों को पिता के मार्गदर्शन और सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती है, उसी उम्र में उन्हें यह बड़ा दुख सहना पड़ रहा है।

दो माह बाद होने वाली थी सेवानिवृत्ति

नरेश लाठर के चाचा धर्मबीर लाठर ने बताया कि नरेश को करीब दो माह बाद सेवानिवृत्त होना था। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाया था कि दो साल बाद उनकी पदोन्नति हो जाएगी और वह सेना में अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्होंने अपने निर्णय के अनुसार सेवानिवृत्ति लेने का मन बना लिया था। बुधवार दोपहर बाद परिवार के पास सेना के कमांडर का फोन आया। उन्होंने बताया कि नरेश लाठर की हृदय गति रुकने से मौत हो गई है।

जुलूस के साथ घर तक लाया गया पार्थिव शरीर

वीरवार को नरेश लाठर के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव शादीपुर लाया गया। आसपास के ग्रामीणों ने ब्राह्मणवास गांव से लेकर शादीपुर तक बाइकों पर तिरंगा यात्रा निकालते हुए जुलूस के साथ लाया गया। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने उन्हें सलामी दी। नरेश लाठर के बेटे अरमान ने उन्हें मुखाग्नि दी।

यह रहे मौजूद

नरेश लाठर के अंतिम संस्कार में एसडीएम होशियार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेद्र बांगड़, थाना प्रभारी कमल सिंह, पूर्व विधायक अमरजीत ढांडा, जिला परिषद चेयरमैन प्रतिनिधि कुलदीप रंधावा, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ऋषिपाल, नपा चेयरमैन डा. संजय जांगड़ा मौजूद रहे।

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