जागरण संवाददाता, जींद : याशी कंसल्टेंसी एजेंसी द्वारा शहर में बांटे जा रहे प्रापर्टी असेसमेंट बिलों के नोटिस का वार्ड 30 के बाद तीन में भी विरोध हो रहा है। वार्ड तीन के लोगों ने नोटिस बांटने आए कंपनी के कर्मचारियों को वापस भेज दिया। लोगों का आरोप है कि एजेंसी द्वारा दिए जा रहे नोटिस प्रापर्टी के क्षेत्रफल में गड़बड़ी है। गौरतलब है कि शहर में याशी कंसल्टेंसी एजेंसी को सरकार ने प्रापर्टी सर्वे का जिम्मा सौंपा हुआ है। एजेंसी द्वारा 60 हजार से ज्यादा प्रापर्टी का सर्वे कर पिछले माह ही असेसमेंट नोटिस के बिल बांटने शुरू किए गए हैं। नोटिस में दर्ज प्रापर्टी के रिकार्ड में काफी खामियां मिल रही हैं जिससे लोगों में रोष है।

वार्ड तीन के लोगों का कहना है कि हर मकान का क्षेत्रफल मूल क्षेत्र से अलग है। एजेंसी द्वारा लोगों को परेशान करने के लिए गलत नोटिस बांटे जा रहे हैं। एजेंसी के कर्मचारी नोटिस बांट कर चले जाएंगे। उसके बाद प्रापर्टी के रिकार्ड को ठीक कराने के लिए उन्हें नगर परिषद के चक्कर काटने पड़ेंगे। अब तक शहर में करीब सात हजार नोटिस बांटे गए हैं। जिनमें से काफी संख्या में नोटिस में प्रापर्टी मालिक के नाम व क्षेत्रफल में खामियां मिल रही हैं। जिसके चलते लोग एजेंसी द्वारा किए गए सर्वे पर सवाल उठ रहे हैं।

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यह बोले वार्ड तीन के निवर्तमान पाषर्द

वार्ड तीन के निवर्तमान पार्षद रणधीर राणा ने बताया कि वीरवार को एजेंसी के कर्मचारी उनके वार्ड में नोटिस बांटने आए थे। किसी का भी क्षेत्रफल रजिस्ट्री में दर्ज क्षेत्रफल के साथ मेल नहीं खा रहा। लोगों ने नोटिस लेने से मना कर दिया और कर्मचारियों को वापस भेज दिया। शहर के कई निवर्तमान पार्षद नगर परिषद ईओ से इस मामले में मिलेंगे।

------------- प्रापर्टी असेसमेंट के बिलों में समस्याएं आ रही हैं। बीमारी की वजह से वे कार्यालय नहीं जा पा रहे हैं। कार्यालय में आने पर इस मामले को देखा जाएगा। लोगों को जो परेशानियां आ रही हैं, उनका समाधान करवाया जाएगा।

- राजेंद्र प्रसाद, ईओ, नगर परिषद

Edited By: Jagran