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संसाधन सीमित, सपने बड़े... हरियाणा के किसान की बेटी साक्षी ने कॉमनवेल्थ कबड्डी में भारत को दिलाया पहला स्वर्ण पदक

Published: Sun, 01 Nov 2026 06:49 PM (IST)

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अहमदाबाद में आयोजित पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया। जींद की साक्षी शर्मा ...और पढ़ें

हरियाणा की साक्षी ने भारत को दिलाया पहला स्वर्ण पदक। फोटो जागरण

हरियाणा की साक्षी ने भारत को दिलाया पहला स्वर्ण पदक। फोटो जागरण

HighLights

  1. भारतीय महिला टीम ने कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप जीती।

  2. साक्षी शर्मा ने फाइनल में 9 रेड अंक हासिल किए।

  3. साक्षी पूरे टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ स्कोरर बनीं।

संवाद सूत्र, उचाना (जींद)। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित पहली कामनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया। 23 से 31 अक्टूबर तक चली प्रतियोगिता के फाइनल में भारत ने युगांडा को 35-15 से शिकस्त देकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही।

इस ऐतिहासिक जीत में गांव करसिंधु की बेटी साक्षी शर्मा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। फाइनल में कप्तान निधि शर्मा की अगुवाई में साक्षी शर्मा सबसे बड़ी नायिका बनकर उभरीं। उन्होंने शानदार रेड करते हुए 10 में से 9 रेड अंक हासिल किए, जिनमें दो बोनस अंक भी शामिल रहे।

पहले हाफ में साक्षी ने अपनी सभी छह रेड सफल बनाते हुए सात अंक हासिल किए। पूरी प्रतियोगिता में 52 अंक जुटाकर साक्षी प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ स्कोरर बनीं। ग्रामीणों ने फाइनल मुकाबला देखने के लिए करसिंधु में बड़ी स्क्रीन लगाई थी। बेटी की जीत के बाद गांव में दीवाली जैसा माहौल बन गया।

खेल के जुनून को कमजोर नहीं पड़ने दिया

साक्षी की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत व माता-पिता के सहयोग की मिसाल है। उनके पिता खेतीबाड़ी करते हैं और परिवार के पास एक एकड़ जमीन है। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी के खेल के प्रति जुनून को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। पिता चुड़ियाराम ने बताया कि साक्षी को बचपन से ही कबड्डी का शौक था। कई बार रात को बारिश होने के बावजूद घर की पक्की छत पर अभ्यास करती थी।

मां बोलीं- घर आने पर खिलाएंगे चूरमा

साक्षी की मां कविता शर्मा ने भावुक होते हुए बताया कि पूरा परिवार और गांव बेटी की जीत से बेहद खुश है। सभी ने मिलकर बड़ी स्क्रीन पर मैच देखा। जब साक्षी घर लौटेगी तो पूरे गांव की ओर से स्वागत किया जाएगा। साक्षी को दूध, दही, मक्खन और देसी चूरमा बहुत पसंद है।

घर लौटने पर चूरमा खिलाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार कबड्डी को ओलिंपिक में शामिल करवाने के लिए प्रयास करेगी, ताकि साक्षी ओलिंपिक में भी देश का तिरंगा लहरा सके।

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