जागरण संवाददाता, जींद : आइटीआइ में दाखिले को लेकर ऑनलाइन आवेदन करने का शुक्रवार को अंतिम दिन है। 17 जुलाई को पहली मेरिट लिस्ट जारी होगी। 18 से 23 जुलाई तक पहली मेरिट लिस्ट में शामिल विद्यार्थियों को सीट अलाटमेंट से लेकर कागजों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया चलेगी। वेरिफिकेशन के बाद विद्यार्थी का दाखिला होगा। 24 जुलाई को दूसरे राउंड के लिए खाली सीटों का ब्यौरा दिखाया जाएगा। 24 तथा 25 जुलाई को दूसरे राउंड के लिए प्राथमिकता भरी जाएंगी और 26 जुलाई को दूसरे राउंड की सीट अलाटमेंट होगी। 29, 30 जुलाई और 1 अगस्त को दूसरे राउंड की दाखिला प्रक्रिया चलेगी। 2 अगस्त को तीसरे राउंड के लिए खाली सीटों का ब्योरा डिस्पले किया जाएगा और उसी दिन से प्राथमिकता के लिए पोर्टल खुल जाएगा। 5 अगस्त को तीसरे राउंड के लिए मेरिट लिस्ट दर्शाई जाएगी। 6 से 9 अगस्त तक तीसरे राउंड के लिए दाखिला प्रक्रिया चलेगी। अनिल गोयल ने बताया कि तीसरे राउंड के बाद अगर सीटें बचती हैं, तो 13 और 14 अगस्त को 70 प्रतिशत से ज्यादा अंक वाले विद्यार्थियों का मेरिट के आधार पर दाखिला होगा। इसके बावजूद अगर सीटें बचती हैं, तो 16 से 21 अगस्त तक 70 प्रतिशत से नीचे अंक वाले विद्यार्थियों को दाखिला दे दिया जाएगा।

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इलेक्टीकल ट्रेड ज्यादा पसंद

जींद की राजकीय आइटीआइ में बृहस्पतिवार तक सात हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। इनमें छह हजार लड़के और एक हजार लड़कियां शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा आवेदन इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के हैं। उसके बाद फीटर और कोपा तथा वायरमैन ट्रेड के आते हैं।

राजकीय आइटीआइ में कुछ प्रमुख ट्रेडों पर आए आवेदन इस प्रकार से हैं

ट्रेड का नाम प्राप्त आवेदन

कारपेंटर -138

कोपा(कंप्यूटर आपरेटर एंड प्रोग्रामिग असिस्टेंट) -828

ड्राफ्समैन सिविल -186

ड्राफ्समैन मैकेनिक -119

ड्रेस मेकिग -68

इलेक्ट्रीशियन -1216

इलेक्ट्रोनिक मैकेनिक -312

फाइनेंस एग्जीक्यूटिव -10

फीटर -893

वेल्डर -549

वायरमेन -798

स्टेनो हिदी -324

स्टेनो इंग्लिश -345

टर्नर -257

मैकेनिक डीजल -530

पलंबर -268

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स्क्रेच कार्ड की नहीं हुई बिक्री

आइटीआइ में ऑनलाइन दाखिले के लिए आवेदन फीस के भुगतान को लेकर आइटीआइ में 1200 से ज्यादा स्क्रेच कार्ड मंगवाए गए थे, ताकि विद्यार्थी इन स्क्रेच कार्ड के जरिये अपनी आवेदन फीस का भुगतान कर सकें। स्क्रेच कार्ड के अलावा डेबिट कार्ड, पेटीएम, इंटरनेट बैंकिग समेत दूसरे तरीके से भी आवेदन फीस का भुगतान किया जा सकता था। इस कारण ज्यादातर विद्यार्थियों ने आवेदन फीस का ऑनलाइन ही भुगतान कर दिया। इससे आइटीआइ में आए स्क्रेच कार्ड यूं के यूं ही आइटीआइ प्रबंधन के पास रह गए। राजकीय आइटीआइ प्राचार्य अनिल गोयल ने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए स्क्रेच कार्ड मंगवाए गए थे। इनमें से कुछ स्क्रेच कार्ड ही विद्यार्थियों ने प्रयोग किए हैं। ज्यादातर विद्यार्थियों ने अपने आवेदन बाहर कैफे या अपने मोबाइल से ही भरे हैं और फीस का भुगतान भी आनलाइन ही किया है। इस कारण स्क्रेच कार्ड ज्यादा प्रयोग नहीं आ सके।

Posted By: Jagran

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