जागरण संवाददाता, जींद : किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। यूरिया के लिए डीलरों के यहां चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बुधवार को जैसे ही किसानों को जींद पुरानी अनाज मंडी में यूरिया खाद आने की सूचना मिली। काफी संख्या में किसान मंडी पहुंच गए और डीलरों की दुकानों के बाहर लंबी लाइन लग गई। लाइन में घंटों इंतजार करने के बावजूद एक किसान को अधिकतम पांच बैग यूरिया के ही मिल रहे थे। जिससे किसानों में सरकार व कृषि विभाग के खिलाफ रोष है।

जिले में रबी के सीजन में गेहूं व अन्य फसलों के लिए करीब 76 हजार मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। बुधवार तक जिले में साढ़े 57 हजार मीट्रिक टन यूरिया ही पहुंची है। जबकि गेहूं की फसल में ज्यादातर यूरिया की खपत दिसंबर और जनवरी में ही होती है। किसान पहली और दूसरी सिचाई के समय यूरिया खाद डालते हैं। पिछले दिनों जिले में अच्छी बारिश हुई है। जिससे गेहूं की फसल में यूरिया की मांग बढ़ गई। अब यूरिया डालने की जरूरत है। किसानों का कहना है कि अगर समय पर यूरिया नहीं डाली गई, तो गेहूं की फसल पीली पड़ जाएगी और उत्पादन भी कम होगा।

आज भी आएगा खाद का रैक : डीडीए

जिला कृषि उप निदेशक डा. सुरेंद्र मलिक ने बताया कि बारिश की वजह से यूरिया की एकदम से मांग बढ़ गई है। जिले में रबी के सीजन में 76 हजार मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत होती है। साढ़े 57 हजार मीट्रिक टन यूरिया पहुंच चुकी है। वीरवार को तीन हजार मीट्रिक टन यूरिया आएगी। उसके बाद रविवार तक एक और रैक आएगा। जिससे यूरिया की कोई कमी नहीं रहेगी। बुधवार को उन्होंने मार्केट में निरीक्षण कर खाद का स्टाक जांचा है। व्यवस्था अनुसार खाद का वितरण कराया जा रहा है।

Edited By: Jagran