जागरण संवाददाता, जींद: चैत्र नवरात्र की सप्तमी के मौके पर जयंती देवी मंदिर में सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां भगवती की पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगी। हालांकि कोरोना के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ के लिहाज से वो नजारा नहीं दिखाई दिया, जो दो साल पहले दिखाई देता था। श्रद्धालुओं ने मास्क पहनकर मां की पूजा-अर्चना की। जयंती देवी मंदिर में मां भगवती के दर्शन करने के लिए पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जयंती देवी मंदिर में अल सुबह से ही श्रद्धालुओं की लाइनें लगनी शुरू हो गई थी। दिन निकलते-निकलते ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा हो गए। इस मौके पर मेले में दर्जनों दुकानें लगाई गई थी। मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने कहा कि मां तक पहुंचने का साधन है-श्रद्धा। शास्त्री ने कहा कि मां का नाम बीज है। बीज में अपरिमित शक्ति है। लेकिन उसके लिए जमीन चाहिए। मन ही वह भूमि है जिसमें मां की कृपा का अवतरण होना है। मन आपका पवित्र नहीं है तो चाहे ढेरों मंत्रों का जाप करें, कितने ही स्त्रोतों का पाठ करें, मां की कृपा का दर्शन नहीं होगा। क्योंकि मां परखती हैं आपका ईमान, आपका चरित्र, आपकी वृति, आपका स्वभाव, आपकी श्रद्धा। श्रद्धालु मास्टर सोमवीर मलिक, राम सुनेजा, विशाल कामरा, सागर कौशिक ने कहा कि कोरोना के कारण मंदिर में तय नियमों की पालना करवाई गई।

पेठे की मिठाई का आनंद लिया श्रद्धालुओं ने

महाभारतकालीन जयंती देवी मंदिर में नवरात्रों की सप्तमी पर लगने वाले मेले में कोरोना महामारी के चलते इस बार खीर नहीं श्रद्धालुओं में 2 क्विटल पेठे की मिठाई, प्रसाद के रूप में दी गई। मंदिर के पुजारी पंडित नवीन कुमार शास्त्री ने कहा कि मंदिर में नवरात्रों के दिनों के दौरान लगने वाले इस मेले में जींद ही नहीं, देश-प्रदेश भर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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