जागरण संवाददाता, जींद : राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला एवं सत्र न्यायधीश बलजीत सिंह के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न प्रकार के 1432 मामले समाधान के लिए रखे गए। इनमें से 348 मामलों का आपसी सहमति से समाधान कर लिया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में 4 करोड़ 24 लाख 45 हजार 134 रुपये की समझौता राशि की रिकवरी हुई। यह जानकारी जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने दी। राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक विवादों का निपटारा करने के लिए तीन कोर्ट लगाई गई। इनमें एक बैंच अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश अजय परासर, दूसरी बैंच अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आर्य शर्मा तथा तीसरी बैंच सिविल जज सीनियर डिविजन कम जेएमआइसी गुनीत अरोड़ा की अदालत शामिल थी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन के छोटे- मोटे ऐसे विवाद जो अभी तक कोर्ट में नहीं आए है, ऐसे विभिन्न प्रकार के 733 विवाद समाधान के लिए रखे गए। इनमें से 137 केसों को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया और इन केसों में 2 करोड़ 84 लाख 43 हजार 76 रुपये की समझौता राशि रिकवर हुई।

उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में बैंक रिकवरी के 616 केसों में 2 करोड़ 85 लाख 58 हजार 684 रुपये की समझौता राशि रिकवर हुई। इसी प्रकार वाहन दुर्घटना अधिनियम के 70 केसों में से 18 केसों का समाधान कर लिया गया। जिसमें 9 लाख 79 हजार रूपये की राशि का समझौता करवाया गया। एनआइ एक्ट चैक बाउंस आदि के 5 केस समाधान के लिए रखे गए, जिनमें से 2 केसों का समाधान हो गया है। जिसमें 9 लाख 92 हजार 311 रुपये की राशि का समझौता करवाया गया।

Posted By: Jagran

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