संवाद सूत्र, उचाना : भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि स्व. देवीलाल की विचार धारा की पार्टी भाजपा के नजदीक होती है। समझौता, गठबंधन उन्ही पार्टियों के अंदर होता है जिनकी विचारधारा मेल खाती हो। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस बात की चिता नहीं करनी चाहिए कि कोई यमुना पार कहे या 75 पार। वे वार्ड नंबर एक में अपनी बहन कौशल्या देवी के प्रतिष्ठान पर आए हुए थे। बराला ने कहा कि भाजपा, जेजेपी की जो सरकार बनी है वो प्रदेश को नई उपलब्धियों पर लेकर जाएगी। चुनाव में अलग-अलग मुद्दे होते है। प्रदेश की जनता ने मन जरूर बनाया था भाजपा को दोबारा से सत्ता में लाने का। इस चुनाव में राजनीति समीकरण अलग तरह के बने। प्रदेश के अंदर इस प्रकार का जनादेश आता है। वो दो पार्टियां साथ आकर सरकार बनाए ये समय की जरूरत होती है। सबसे ज्यादा विचार मिलते है वो ही साथ आकर सरकार बनाते है। प्रदेश में भाजपा 75 पार के नारे के बाद 40 तक रहने के सवाल पर बराला ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों के अलग-अलग कारण थे। जन आशीर्वाद यात्रा को हार के कारणों में से एक कहे जाने को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्रा को जो हार के कारणों में गिना जा रहा इससे वो बिल्कुल भी सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की जो सरकार पहले पांच साल चली थी। उससे पहले प्रदेश में जो भी गैर कांग्रेस की सरकार बनी वो भाजपा के सहयोग से बनी।

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