जागरण संवाददाता, जींद : नागरिक अस्पताल में भी अब कोरोना टेस्ट की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए अस्पताल में आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए लैब स्थापित की गई है। पहले सैंपल लेकर मेडिकल कालेज अग्रोहा, खानपुर व रोहतक भेजा जाता था। जहां पर सैंपलों की अधिकता होने पर टेस्ट नहीं हो पाते थे। उचाना लैब शुरू होने के बाद प्रतिदिन 188 लोगों के टेस्ट होंगे। लैब के उद्घाटन के लिए जिला प्रशासन की तरफ से सरकार को पत्र लिखा है। सोमवार को इस मामले को लेकर डीसी डा. आदित्य दहिया ने स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अन्य विभागों के साथ मिलकर शानदार काम कर रहे है। इसके लिए उन्होंने इस कार्य में जुटे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशंसा की। डेटा इंट्री ऑप्रेटरों से कहा कि वे कोरोना वायरस से संबंधित डेटा को पोर्टल पर अपलोड करने की गति को और तेज करें ताकि जिला में जो कार्य शानदार तरीके से हो रहा है, इसकी नियमित जानकारी भी सरकार को प्राप्त होती रहे। उन्होंने कहा कि जो डाटा इंट्री आपरेटर कोरोना काल में विशिष्ठ कार्य करेंगे उन्हें जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।

कोरोना संक्रमितों व स्वजनों से बात करें

डीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित उन मरीजों के स्वजनों से बातचीत करें। उन्होंने इस कार्य के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एक डॉक्टर की नियमित ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को किसी भी चीज की आवश्यकता है, तो वे तुरंत रिपोर्ट भिजवा दें। उन्हें हर प्रकार की संभव मदद अविलम्ब उपलब्ध करवाई जाएगी। जो व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित मिलता है, तो उससे भी बातचीत करते रहे, ताकि चिकित्सा सुविधाओं में किसी प्रकार की काई कमी न रहे।

बिना लक्षण के टेस्ट करवाने पर लिया शुल्क

बिना लक्षण के कोरोना टेस्ट करवाने वाले लोगों से स्वास्थ्य विभाग ने शुल्क लेना शुरू कर दिया है। सोमवार को पहले दिन 30 लोगों से 1650-1650 रुपये लेकर आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तीन कैटेगरी में बांटा है, जबकि जिन मरीजों को लक्षण दिखाई दिए और चिकित्सक ने कोरोना टेस्ट की सिफारिश की उन मरीजों का सैंपल निशुल्क किया गया। जबकि विदेश यात्रा व दूसरे स्टेट में जाने से पहले कोरोना टेस्ट करवाने वाले लोगों से शुल्क लिया गया। इसके अलावा सरकारी व निजी नौकरी ज्वाइन करने वाले युवाओं के मेडिकल से पहले कोरोना टेस्ट करवाया जा रहा है और उनसे भी टेस्ट के नाम पर 1650 रुपये लिए गए।

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