जागरण संवाददाता, जींद: ड्रॉप आउट और स्कूल नहीं जा रहे छह से 14 साल तक के बच्चों की पहचान के लिए शिक्षा विभाग सर्वे कर रहा है। चार मार्च तक डोर टू डोर जाकर डाटा तैयार किया जाएगा। इस काम को लेकर मंगलवार को डीआरडीए हाल में दोपहर को जिला शिक्षा अधिकारी मदन चोपड़ा (डीईओ) की अध्यक्षता में मीटिग हुई। जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्कूल मुखिया, खंड संसाधन समन्वयक और सहायक खंड संसाधन समन्वयक मौजूद रहे। डीईओ ने बताया कि शिक्षक और खंड संसाधन समन्वयक, स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्यों के साथ पार्षदों, सरपंच, पंच, नंबरदार की मदद से अपने एरिया में डोर टू डोर जाकर ऐसे छह से 14 साल तक के बच्चों की लिस्ट बनाएं। जो किन्हीं कारणों से स्कूल छोड़ चुके हैं या कभी स्कूल नहीं गए। चार मार्च से पहले हर हाल में ये जानकारी जुटानी है। सर्वे से कोई भी बच्चा नहीं छूटना चाहिए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) सदानंद वत्स ने कहा कि विभाग ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी ईमानदारी से पूरा करें। ताकि छह से 14 साल तक का कोई बच्चा स्कूल जाने से वंचित ना रहे। समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) जगदीश चंद्र ने बताया कि सरकार और शिक्षा विभाग इस मामले में काफी गंभीर है। नए सत्र में एक भी ड्रॉप आउट और छह से 14 साल तक का बच्चा शिक्षा से वंचित ना रहे। इसके लिए सरकार ये सर्वे करा रही है।

15 तक मुख्यालय भेजनी है रिपोर्ट

चार मार्च तक स्कूल मुखिया को सर्वे करवा कर लिस्ट कलस्टर हैड को सौंपनी है। कलस्टर हैड पांच से आठ मार्च तक अपने एरिया की लिस्ट को कंप्यूटराइज्ड कर बीईओ को सौंपेंगे। नौ से 10 मार्च तक बीईओ पूरे ब्लॉक की लिस्ट कंपाइल कर 12 मार्च तक डीपीसी कार्यालय भेजेंगे। डीपीसी पूरे जिले की लिस्ट को कंपाइल कर 15 मार्च तक मुख्यालय भिजवाएंगे। इस अवसर पर सभी ब्लॉक के बीईओ, स्कूल मुखिया, खंड संसाधन समन्वयक और सहायक खंड संसाधन समन्वयक मौजूद रहे।

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