जागरण संवाददाता, जींद : नागरिक अस्पताल में ई-उपचार के लिए पंजीकरण का कार्य शुरू हुए एक सप्ताह होने के बाद भी अस्पताल की व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी है। सोमवार को पंजीकरण केंद्र पर मरीजों की लंबी लाइनें लगी रही हैं और मरीजों को तीन घंटे में नंबर आया। पंजीकरण के बाद मरीजों डॉक्टर से टेस्ट तो लिखा लिए, लेकिन जब वह लैब में पहुंचे तो सैंपल लेने का टाइम पूरा हो चुका था।

महिला मरीजों की लाइन तो पंजीकरण केंद्र से दवाइयों वितरण केंद्र तक पहुंच गई और अस्पताल के अंदर जाने का रास्ता बंद हो गया। इसके बाद मरीजों को महिलाओं की लाइन के बीच में होकर अंदर जाना पड़ा। लाइन लंबी होने के कारण वृद्धाओं को परेशानी झेलनी पड़ी और लाइन को लेकर मरीजों में आपसी नोक झोंक होती रही। जिन मरीजों को ज्यादा परेशानी थी वह उपचार लिए बिना ही वहां से चले गए और निजी अस्पताल में इलाज कराया।

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पंजीकरण के बाद दवाइयों पर लगी लंबी लाइन

पहले तीन घंटे मरीजों को पंजीकरण कराने के लिए लग गए और उसके बाद दवाई लेने के केंद्र पर लंबी लाइन लग गई। सोमवार से दवाई वितरण केंद्र पर भी ऑनलाइन कार्य शुरू किया गया, लेकिन वहां पर तैनात कर्मचारियों को उसका कम अनुभव होने से काम धीमी गति से हुआ और दवाइ लेने के लिए मरीजों लंबी लाइन लगी रही।

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छह काउंटर खोलने से भी नहीं मिल राहत

एमएस डॉ. गोपाल गोयल ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए छह काउंटर बनाए गए है। चार काउंटर पंजीकरण केंद्र पर, जबकि एक काउंटर आर्थो वार्ड में बनाया गया है। गर्भवती महिलाओं को परेशानी न हो इसके लिए अलग से काउंटर बनाया गया है।

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Posted By: Jagran

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