जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ (झज्जर) : शहर के गौरेया पर्यटन केंद्र में शनिवार को भारतीय स्टाइल कुश्ती महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक हुई। इसमें मिट्टी पर खेले जाने वाली कुश्ती को बढ़ावा देने पर मंथन हुआ। आखिर में फैसला लिया गया कि स्थिति सामान्य रही तो सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप हरियाणा में और जूनियर चैंपियनशिप जम्मू में करवाई जाएगी। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नफे सिंह राठी ने की। बैठक में महासंघ का वार्षिक लेखा जोखा रखने के साथ ही भारतीय स्टाइल की कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए रणनीति बनाई गई। बाद में प्रेस वार्ता में महासंघ अध्यक्ष नफे सिंह ने कहा कि कोरोना की वजह से काफी समय से महासंघ द्वारा कोई कुश्ती आयोजन नहीं करवाया गया है। अब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप और जूनियर हिद केसरी का दंगल जम्मू में करवाने का विचार है। जबकि सीनियर नेशनल चैंपियनशिप और सीनियर हिद केसरी का दंगल हरियाणा में करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय शैली की कुश्ती देश का सबसे परंपरागत एवं प्राचीन खेल है। महाभारत काल में भी इसका जिक्र किया गया है। कुश्ती को हरियाणा के सबसे ज्यादा बच्चे खेलते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1958 से आज तक हर साल भारतीय शैली कुश्ती महासंघ द्वारा हिद केसरी दंगल करवाया जाता रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिट्टी की कुश्ती को आगे बढ़ाने के लिए महासंघ प्रयासरत है। इससे संबंधित मुहिम शुरू की गई है। इसके लिए लगभग 75 देशों ने मान्यता दे दी है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार व अंतरराष्ट्रीय कुश्ती महासंघ से विचार विमर्श करने के बाद भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। नफे सिंह ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जो ग्रांट 10 साल पहले एसोसिएशन को दी जाती थी, उस ग्रांट को पुन: जारी किया जाए। अध्यक्ष ने कहा कि हमें उम्मीद है ओलिपिक में भी भारतीय पहलवान अपनी क्षमता का लोहा मनवाएंगे। इस अवसर पर महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिव कुमार शर्मा, अर्जुन यादव, महासचिव गौरव सचदेवा, हनीफ राज, वाइपी बख्शी, मोहन खोपले, राकेश यादव, एमवी बांगर, चुन्नी कप्तान व खालिद शेख उपस्थित रहे।

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