जेल से फरार, कंबोडिया में प्यार और अब शादी... मैकेनिक से गैंगस्टर बने मैनपाल बादली की पूरी क्राइम कुंडली
गैंगस्टर मैनपाल ढिल्ला बादली (Who is Gangster Mainpal Badli) ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट से मिली 12 घंटे की पैरोल पर ...और पढ़ें

कौन हैं गैंगस्टर ढिल्ला बादली (जागरण ग्राफिक्स)
HighLights
गैंगस्टर मैनपाल ढिल्ला ने कंबोडियन प्रेमिका मेटाचान से शादी की।
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने 12 घंटे की पैरोल दी थी।
झज्जर में कड़ी सुरक्षा के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह हुआ।
डिजिटल डेस्क, झज्जर। who is gangster mainpal badli: गुरुवार को गैंगस्टर मैनपाल ढिल्ला बादली ने कंबोडिया से आई अपनी प्रेमिका से हिंदू रीति-रिवाजों में शादी की। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने उसे 12 घंटों की पैरोल दी थी।
झज्जर-गुरुग्राम रोड पर मौजूद दुलीना के पास एक फार्म हाउस में मैनपाल ने कंबोडिया (Mainpal Dhilla Cambodia Marriage) की रहने वाली अपनी प्रेमिका मेटाचान के साथ सात फेरे लिए और परिणय सूत्र में बंधे।
इस बीच पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखे थे। हरियाणा में हुई यह शादी सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रही।
गैंगस्टर मैनपाल बादली कौन है और उसकी यह लव स्टोरी कैसे शुरू हुई, मैनपाल ने कैसे क्राइम की दुनिया में कदम रखा और कैसे वह जेल से फरार हुआ। आइए इन सभी के सवाल क्रमानुसार जानते हैं।
कौन हैं गैंगस्टर मैनपाल?
गैंगस्टर मैनपाल झज्जर जिले के अंतर्गत बादली गांव का रहने वाला है। उसने अपने नाम के पीछे अपने गांव का ही नाम लगाया हुआ है। मैनपाल पेशे से एक मेकैनिक था और ट्रैक्टर रिपेयरिंग का काम किया करता था।
क्राइम की दुनिया में कैसे हुई एंट्री?
साल 2000 में उसने अपने चाचा की हत्या का बदला लेने के लिए एक के बाद एक कई लोगों की हत्याएं की। मैनपाल के खिलाफ साल 2007 और 2010 में तीन हत्याओं के मामले दर्ज किए। उस दौरान तक मैनपाल ने अपना नेटवर्क बना लिया था। वह किसी अन्य गैंग के साथ नहीं जुड़ा था।

अदालत ने सुनाई सजा
मैनपाल बादली को साल 2010 में गिरफ्तार किया गया। अदालत ने तीन अलग-अलग मामलों में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
मैनपाल अपराध की दुनिया में इस तरह से लिप्त हो चुका था कि उसने गुरुग्राम की भोंडसी जेल में रहकर एक कैदी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। यहां वह कई वर्षों तक रहा।

जब जेल से भागकर कंबोडिया भागा मैनपाल
साल 2019 में मैनपाल को हिसार सेंट्रल जेल से छह हफ्तों की पैरोल पर रिहा किया गया। लेकिन वह पैरोल पूरी कर जेल में लौटा ही नहीं।
उस वक्त मैनपाल हरियाणा पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हो गया था। पुलिस ने 25 अक्टूबर,2018 को मैनपाल के ऊपर पांच लाख का इनाम भी रखा और 30 अक्टूबर 2019 को उसे भगोड़ा घोषित किया गया।

सीबीआई की मदद से हुआ अरेस्ट
सीबीआई ने हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर 6 नवंबर, 2024 को इंटरपोल के माध्यम से मैनपाल ढिल्ला उर्फ मैनपाल बादली के खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया।
सीबीआई ने व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाने के लिए NCB बैंकॉक से संपर्क किया, जिससे थाईलैंड से कंबोडिया तक उसकी यात्रा का पता चला।
इसके बाद सीबीआई ने कंबोडिया के अधिकारियों के साथ कॉओर्डिनेशन किया और उन्हें सूचित किया गया कि व्यक्ति ने सोनू कुमार के फर्जी नाम से धोखाधड़ी से हासिल किए गए पासपोर्ट पर कंबोडिया की यात्रा की थी।
साल 26 मार्च, 2025 को इंटरपोल चैनलों के माध्यम से NCB-नोम पेन्ह, कंबोडिया को अस्थायी गिरफ्तारी का अनुरोध भेजा गया। जिसके बाद कंबोडियाई अधिकारियों ने उसे मैनपाल को अरेस्ट कर हरियाणा पुलिस को प्रत्यार्पित किया।
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कंबोडिया में हुआ प्यार
कंबोडिया में मैनपाल ने एक अलग और नई पहचान बनाकर कारोबार करना शुरू किया। इस बीच उसकी मुलाकात स्थानीय युवती मेटाचान से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने संबंध बनाए और कंबोडिया में परिवार बसाया। अब दोनों ने शादी की है।
कैसे हुई शादी?
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के तहत मैनपाल को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक (12 घंटे की कस्टडी पैरोल) दी गई थी। जिसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उसने शादी की।
इस बीच सभी मेहमानों पर पुलिस ने नजर रखी और अनाधिकृत व्यक्तियों की एंट्री पर रोक लगाई। इलाके के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। सभी मेहमानों की आईडी चेक करने के बाद ही विवाह समारोह में जाने की इजाजत दी गई।
