झज्जर में 12 घंटे की पैरोल पर मैनपाल ने कंबोडियाई प्रेमिका संग लिए सात फेरे, हिंदू रीति रिवाज के साथ हुई शादी
झज्जर की दुलीना जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे मैनपाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर 12 ...और पढ़ें
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मैनपाल ने कंबोडियाई प्रेमिका संग लिए सात फेरे। फोटो जागरण
HighLights
उम्रकैद की सजा काट रहे मैनपाल ने की शादी।
कंबोडियाई प्रेमिका मेटाचान से लिए सात फेरे।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर मिली पैरोल।
जागरण संवाददाता, झज्जर। जिला कारागार दुलीना में उम्रकैद की सजा काट रहे कंबोडिया से प्रत्यर्पित मैनपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर 12 घंटे की कस्टडी पैरोल पर जेल से बाहर लाया गया। झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित दुलीना के पास एक फार्म हाउस में मैनपाल ने कंबोडिया की रहने वाली अपनी प्रेमिका मेटाचान के साथ हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए और परिणय सूत्र में बंधे।
इस हाई-सिक्योरिटी समारोह के दौरान पंजाबी ड्रेस में कंबोडियाई दुल्हन मेटाचान की तस्वीरें तो सामने आ गईं, लेकिन कड़े सुरक्षा पहरे और पाबंदियों के चलते गैंग्सटर मैनपाल की कोई भी फोटो मीडिया या बाहर सामने नहीं आ सकी।
कड़े सुरक्षा घेरे में हुआ आयोजन, बाहरी लोगों का प्रवेश रहा वर्जित
विवाह समारोह के दौरान सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम स्थल पर जेल प्रशासन की पुलिस के अलावा जिला पुलिस का भारी स्टाफ और खुफिया विभाग की टीमें चप्पे-चप्पे पर तैनात रहीं। पुलिस के स्तर पर हर तरह की पैनी निगरानी रखी जा रही थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
किसी भी स्तर पर किसी भी बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहा। फार्म हाउस के मुख्य द्वार पर आने वाले प्रत्येक मेहमान की पूरी डिटेल (आईडी, नाम और मोबाइल नंबर) नोट करने के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर मेहमानों को फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने की भी सख्त मनाही थी।
विदेशी बहू को लेकर महिलाओं में दिखी विशेष उत्सुकता
यह भी जिक्र सामने आया कि समारोह में ग्रामीण महिलाओं और परिजनों में कंबोडिया से आई विदेशी बहू मेटाचान से मुलाकात करने को लेकर भारी उत्सुकता देखने को मिली। महिलाओं ने नवविवाहित जोड़े से मिलकर उन्हें आशीर्वाद दिया। उल्लेखनीय है कि मेटाचान अपने बच्चों के साथ करीब 10 दिन पहले ही भारत पहुंची थीं।
लंबी फरारी और प्रत्यर्पण के बाद मिली कानूनी अनुमति
पुलिस रिकार्ड के अनुसार, बादली गांव निवासी मैनपाल जुलाई 2018 में पैरोल के दौरान फरार होकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे कंबोडिया भाग गया था, जहां सिएमरीप शहर में उसकी मुलाकात मेटाचान से हुई थी। बाद में भारत सरकार, हरियाणा पुलिस और सीबीआई के प्रयासों से 2025 में उसका प्रत्यर्पण कर उसे वापस भारत लाया गया था।
जेल अधीक्षक सेवा सिंह ने बताया कि पूर्व में पैरोल की अर्जी खारिज होने के बाद मैनपाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट के आदेश के तहत उसे सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक (12 घंटे की कस्टडी पैरोल) कड़ी सुरक्षा में विवाह समारोह में शामिल कराया गया। निर्धारित समयावधि और शर्तों के पूरा होने के बाद मैनपाल को वापस जिला कारागार दुलीना पहुंचा दिया गया।
