मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, झज्जर : बात 14 जनवरी 2002 की है। वाजपेयी सरकार में बतौर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कार्यभार देख रही हरियाणा की बेटी सुषमा स्वराज को बेरी कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पहुंचना था। तय स्थान बेरी स्टेडियम था, लेकिन 13 जनवरी की रात जोरदार आई बरसात ने आयोजकों की तैयारी पर पानी फेर दिया। वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए आयोजकों ने साथ ही राजकीय स्कूल में कार्यक्रम करवाया। मकर संक्राति सम्मान समारोह में पहुंची सुषमा स्वराज की बारी जब बोलने की आई तो उन्होंने कहा कि जिस रास्ते से वह आई है, अच्छा नहीं है। केंद्रीय मंत्री के ऐसा कहने पर वहां मौजूद प्रबुद्धजनों ने बताया कि बेरी से महम मार्ग भी अच्छा नहीं है। जिस पर उन्होंने तत्काल बहादुरगढ़ से बेरी तथा बेरी से महम सड़क मार्ग नए बनाए जाने की घोषणा की। घोषणा की बदौलत आज भी दिल्ली से हिसार वाया बहादुरगढ़ की जो दूरी कम हुई है, उसका सीधा श्रेय तत्कालीन समय में हुई घोषणा को जाता है। मार्किट कमेटी के चेयरमेन मनीष नंबरदार के मुताबिक 17 साल पहले के कार्यक्रम का आयोजन धर्मवीर शर्मा, किशोरी लाल शर्मा दुबलधन, श्री भगवान शर्मा बाघपुर, वेद अहलावत, नेतराम बेरी आदि ने किया था। बेरी कार्यक्रम समाप्ति के बाद वे दुजाना गई, जहां पर उन्होंने धर्मवीर शर्मा के घर चाय पीने के बाद कप्तान करणसिह के घर खाना भी खाया। हरियाणा की बेटी का मंगलवार को एकाएक चले जाना, सभी को मन से व्यथित कर रहा है।

Posted By: Jagran

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